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अमेरिका में डेयरी प्रोडक्ट्स में भी पहुंचा Bird Flu, क्या दूध, अंडा और चिकन जैसी चीजें खाना है सुरक्षित? क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

H5N1 बर्ड फ्लू के मामले दुनिया भर में दो साल से ज्यादा समय से आ रहे हैं. ये जंगली पक्षियों और मुर्गों में इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होता है. मुख्य रूप से इससे पक्षी प्रजाती प्रभावित हो रही है. कई स्तनधारी पक्षी तो इससे मर भी चुके हैं. 

Dairy Products (Photo: Unsplash) Dairy Products (Photo: Unsplash)
हाइलाइट्स
  • H5N1 बर्ड फ्लू को समझना जरूरी

  • बर्ड फ्लू के कई मामले आए सामने 

अमेरिका में डेयरी गायों के पाश्चराइज्ड दूध में H5N1 बर्ड फ्लू के कुछ संकेत मिले हैं. बर्ड फ्लू ने डेयरी गायों को भी इन्फेक्टेड कर दिया है, जिसके बाद से इससे जुड़े जोखिमों के बारे में चिंता बढ़ा दी है. हालांकि, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और कृषि विभाग ने जनता को इससे जुड़े उपायों के बारे में बताया है. हालांकि, वायरस से पैदा होने वाले खतरे को लेकर अभी भी सभी के मन में सवाल बने हुए हैं. 

बर्ड फ्लू के कई मामले आए सामने 

हालांकि, FDA और कृषि विभाग ने यह भी कहा है कि बीमार गायों का दूध सुरक्षित है. द न्यूयॉर्क टाइम्स के हवाले से एफडीए ने एक बयान में कहा, "आज तक, हमने ऐसा कुछ नहीं देखा है जो हमारे आकलन को बदल दे, दूध पूरी तरह सुरक्षित है."

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पिछले महीने में, अमेरिका के आठ राज्यों में 30 डेयरी में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं. इससे पहले 2022 में इसके कुछ मामले कोलोराडो में आए थे. जहां मुर्गे में ये इन्फेक्शन पाया गया था. टेक्सास में हालिया मामला, अमेरिका में बर्ड फ्लू का दूसरा मामला है, जिसने इसके प्रकोप के संभावित प्रभावों के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं.

H5N1 बर्ड फ्लू को समझना

H5N1 बर्ड फ्लू के मामले दुनिया भर में दो साल से ज्यादा समय से आ रहे हैं. ये जंगली पक्षियों और मुर्गों में इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होता है. मुख्य रूप से इससे पक्षी प्रजाती प्रभावित हो रही है. कई स्तनधारी पक्षी तो इससे मर भी चुके हैं. 

हालांकि, लोगों को इसके संक्रमण का खतरा कम रहता है. ऐसे में एक्सपर्ट का मानना है कि संक्रमित पक्षियों या उनके सम्पर्क में जब कोई इंसान आता है तो ये फैल सकता है. इसलिए लोगों को इससे सावधान रहने का सलाह दी जा रही है. इसके लक्षणों हल्के या खतरनाक भी हो सकते हैं. लक्षणों में कंजक्टिवाइटिस (conjunctivitis), गंभीर सांस का इंफेक्शन आदि शामिल हैं. इसके लिए सतर्क रहना बहुत जरूरी है. और ऐसा कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत निवारक उपायों की जरूरत है. 

खाने की चीजों को लेकर सचेत रहें

इसके बाद से ही लोग सबसे ज्यादा चिंतित खाने की चीजों को लेकर हैं. पोल्ट्री और डेयरी प्रोडक्ट्स के माध्यम से बर्ड फ्लू के फैलने की बात कही जा रही है. हालांकि, एक्सपर्ट्स ने लोगों आश्वस्त किया है कि पूरी तरह से पकाए गए चिकन और अंडे से इंफेक्शन का कोई खतरा नहीं है. फिर भी, कच्चे या अधपके मुर्गे और अंडों के सेवन से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए और व्यक्तियों को पोल्ट्री प्रोडक्ट्स को खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए. 

निवारक उपायों के रूप में कई बातें बताई गई हैं. जैसे बीमार जानवरों के संपर्क से जितना हो सके उतना बचना चाहिए. बेसिक हाइजीन का ख्याल रखें, लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, साफ-सफाई का ध्यान रखें, अपनी सेहत को मॉनिटर करते रहें. 

भारत में कुछ नियम लागू  

भारत के केरल में स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने इंफेक्शन के रोकथाम के लिए कुछ उपाय किए हैं. इसमें संक्रमित पक्षियों को मारना और पोल्ट्री प्रोडक्ट्स की आवाजाही को बंद करना शामिल है. वायरस के प्रसार को रोकने के लिए राष्ट्रीय और स्थानीय एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है.