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प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर को आम दिनों की तुलना में ज्यादा न्यूट्रिशन की जरूरत होती है. इस समय मां के शरीर में बच्चे के विकास के लिए अधिक खून बनता है. अगर शरीर में आयरन की कमी हो जाए, तो खून की कमी यानी एनीमिया हो सकता है. इससे महिला को कमजोरी, चक्कर, थकान और सांस फूलने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. यही नहीं, आयरन की कमी का असर बच्चे की बढ़त पर भी पड़ सकता है. इसलिए डॉक्टर भी प्रेगनेंसी में आयरन से भरपूर भोजन और जरूरत पड़ने पर आयरन की दवा लेने की सलाह देते हैं.
अगर आपको भी प्रेगनेंसी के दौरान खून की कमी महसूस होती है. साथ ही आप चाहती हैं कि आपके बच्चे का विकास अच्छी तरह से होता रहे, तो ऐसे में आप अपनी डाइट में इन चीज़ों को शामिल करें. इन भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो खून की कमी पैदा होने नहीं देता.
मसूर दाल भारतीय रसोई में आसानी से मिलने वाली और आयरन से भरपूर दालों में से एक है. इसे बनाने में भी कम समय लगता है. गर्भवती महिलाएं इसे चावल या रोटी के साथ खा सकती हैं. इसमें प्रोटीन भी अच्छी क्वांटिटी में होता है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद माना जाता है.
सहजन यानी मोरिंगा की पत्तियों में आयरन के साथ कई दूसरे जरूरी न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं. इन्हें सब्जी, सूप या दाल में मिलाकर खाया जा सकता है. अगर ताजी पत्तियां न मिलें, तो डॉक्टर की सलाह से मोरिंगा पाउडर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
राजमा सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि पोषण के लिए भी अच्छा माना जाता है. इसमें आयरन और प्रोटीन दोनों होते हैं. वहीं तिल में भी आयरन अच्छी मात्रा में पाया जाता है. तिल को चटनी, लड्डू या सलाद में मिलाकर खाया जा सकता है.
गुड़ को लंबे समय से देसी खान-पान का हिस्सा माना जाता है. इसमें भी आपको आयरन मिल जाता है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में खाने से फायदा मिल सकता है. वहीं पालक भी आयरन का अच्छा सोर्स है. अगर पालक में नींबू का रस या टमाटर मिलाकर खाया जाए, तो शरीर आयरन को बेहतर तरीके से अपना सकता है.
आयरन वाले भोजन के साथ नींबू, आंवला, संतरा या टमाटर जैसी विटामिन सी वाली चीजें खाने से आयरन शरीर में बेहतर तरीके से पहुंचता है. वहीं चाय और कॉफी को खाने के तुरंत बाद पीने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे आयरन का असर कम हो सकता है.
हर गर्भवती महिला की जरूरत अलग होती है. कई महिलाओं को सिर्फ भोजन से पूरा आयरन नहीं मिल पाता. ऐसे में डॉक्टर आयरन की गोलियां या दूसरे इलाज की सलाह दे सकते हैं. बिना सलाह के कोई भी दवा या सप्लीमेंट को शुरू नहीं करना चाहिए. सही भोजन, जांच और डॉक्टर की सलाह से ही मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य को बेहतर रखा जा सकता है.