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दोपहर के खाने के बाद अक्सर लोगों को पलके भारी महसूस होने लगती हैं. झपकी लेने की तेज इच्छा, दिमाग का सुस्त पड़ जाना और काम के प्रति अचानक उत्साह कम हो जाना, ये बहुत आम बात है. बहुत से लोग रोज़ाना इस दिक्कत से जूझते हैं. अक्सर इसे आलस्य या इच्छाशक्ति की कमी मान लिया जाता है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार ऐसा कहना बिल्कुल सही नहीं है. असल में, लंच करने के बाद शरीर के भीतर कुछ स्वाभाविक शारीरिक बदलाव होते हैं, जिनकी वजह से नींद और सुस्ती महसूस होना सामान्य है.
विशेषज्ञ बताते हैं कि दोपहर के लंच करने के बाद कुछ समय के लिए शरीर में ऊर्जा कम हो जाती है. सिर भारी होने लगता है. साथ ही कई बार काम में मन नहीं लगता. यह हमारे शरीर के 'नेचुरल सिस्टम' का हिस्सा है. लेकिन क्यों ऐसा होता है, चलिए आपको बताते हैं.
पाचन है जरूरी
खाना खाने के बाद शरीर का फोकस सीधे पाचन प्रक्रिया पर चला जाता है. पेट और आंतों को भोजन पचाने के लिए ज्यादा ऊर्जा और रक्त की जरूरत होती है. इस कारण कुछ समय के लिए दिमाग तक पहुंचने वाली ऊर्जा कम महसूस होती है और यही सुस्ती, थकान या नींद जैसा एहसास बढ़ा देती है.
क्या खाया है… यह सबसे अहम है
हर तरह का खाना शरीर पर एक जैसा असर नहीं करता. यदि आप दोपहर में बार-बार तला-भुना, बहुत मीठा या अत्यधिक कार्बोहाइड्रेट वाला खाना लेते हैं, तो ब्लड शुगर तेजी से ऊपर-नीचे हो सकता है. शुरुआत में थोड़ी ऊर्जा लगती है. फिर अचानक शुगर स्तर गिरता है और शरीर सुस्ती व थकावट महसूस करने लगता है.
रात की नींद कम, तो दिन में दिखेगा असर
नींद की कमी भी एक बड़ा कारण है. जो लोग रात में पूरी नींद नहीं लेते, उनका शरीर दोपहर में उस कमी को रिकवर करने की कोशिश करता है. ऐसे में भोजन के बाद लंच आना और भी ज्यादा स्वाभाविक हो जाता है. इसके अलावा, लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना और कम गतिविधि भी इस सुस्ती को बढ़ा देता है.