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जिम में घंटों पसीना बहाने की जरूरत नहीं, खुद को 10 मिनट दीजिए और कैंसर का रिस्क कम करिए

नए शोध में सामने आया है कि रोजाना लंबा वर्कआउट करना ही नहीं, बल्कि सिर्फ 10 मिनट की तेज और इंटेंस एक्सरसाइज भी कैंसर से लड़ने में मददगार हो सकती है. स्टडी के मुताबिक, जब शरीर थोड़े समय के लिए हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज करता है, तो खून में ऐसे खास मॉलिक्यूल रिलीज होते हैं, जो डीएनए डैमेज को तेजी से रिपेयर करने में मदद करते हैं

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हाइलाइट्स
  • इंटेंस एक्सरसाइज से हो सकता है कैंसर से बचाव

  • जिम में घंटों पसीना बहाने की जरूरत नहीं

अगर आपने नए साल में फिट रहने का संकल्प लिया है, तो यह खबर आपके लिए है. नई रिसर्च बताती है कि सिर्फ 10 मिनट की तेज एक्सरसाइज न सिर्फ फिटनेस बढ़ाती है, बल्कि कैंसर से लड़ने में शरीर की मदद भी कर सकती है.

तेज एक्सरसाइज से खून में बनते हैं मॉलिक्यूल्स
ब्रिटेन की न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पाया है कि जब हम थोड़ी देर के लिए भी तेज एक्सरसाइज करते हैं, तो खून में कुछ खास मॉलिक्यूल्स निकलते हैं. ये मॉलिक्यूल्स शरीर में सूजन कम करने, खून की नलियों को बेहतर बनाने और मेटाबॉलिज्म सुधारने का काम करते हैं. रिसर्च में सामने आया कि ये एक्सरसाइज से बने मॉलिक्यूल्स जब लैब में बॉवेल के कैंसर सेल्स पर डाले गए, तो 1300 से ज्यादा जीन की एक्टिविटी बदल गई.

कैंसर सेल्स की ग्रोथ पर लगा ब्रेक
इन जीनों में कई ऐसे जीन शामिल थे जो DNA की मरम्मत करते हैं. शरीर में ऊर्जा बनाने में मदद करते हैं. कैंसर सेल्स की तेजी से बढ़ने वाली प्रक्रिया को कंट्रोल करते हैं. इसका मतलब यह हुआ कि एक्सरसाइज कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने वाले सिग्नल भी शरीर में भेजती है.

DNA रिपेयर की क्षमता बढ़ी
स्टडी में यह भी पाया गया कि एक्सरसाइज के बाद एक खास जीन PNKP ज्यादा एक्टिव हो गया, जो DNA की मरम्मत करता है. DNA को होने वाला नुकसान कैंसर की एक बड़ी वजह माना जाता है. ऐसे में अगर DNA जल्दी और सही तरीके से रिपेयर हो जाए, तो कैंसर का खतरा कम हो सकता है.

सिर्फ एक वर्कआउट भी असरदार
इस रिसर्च में 50 से 78 साल के 30 पुरुष और महिलाएं शामिल थे. सभी लोग ओवरवेट या मोटापे से ग्रस्त थे, जो कैंसर का एक बड़ा जोखिम कारक माना जाता है. इन सभी से करीब 10 मिनट की तेज साइक्लिंग करवाई गई. इसके बाद उनके खून के सैंपल लिए गए और 249 प्रोटीन की जांच की गई.

रिजल्ट में 13 ऐसे प्रोटीन पाए गए, जो एक्सरसाइज के बाद बढ़ गए. इनमें इंटरल्यूकिन-6 (IL-6) नाम का प्रोटीन भी शामिल था, जो खराब हो चुके DNA को ठीक करने में मदद करता है.

भविष्य में नई दवाओं की उम्मीद
स्टडी की लीड करने वाले डॉ. सैम ऑरेंज के मुताबिक, 'सबसे खास बात यह है कि एक्सरसाइज सिर्फ हेल्दी टिशू को फायदा नहीं पहुंचाती, बल्कि खून के जरिए ऐसे सिग्नल भेजती है जो कैंसर कोशिकाओं के जीन तक को प्रभावित कर देते हैं.' उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी दवाएं विकसित की जा सकती हैं, जो एक्सरसाइज जैसे ही असर दिखाएं और कैंसर के इलाज को और बेहतर बनाएं.

आम लोगों के लिए क्या सीख?

  • रोज घंटों जिम जाना जरूरी नहीं है.

  • सिर्फ 10 मिनट की तेज एक्सरसाइज भी फायदेमंद हो सकती है.

  • तेज चलना, साइक्लिंग, सीढ़ियां चढ़ना जैसे काम मदद कर सकते हैं.

  • एक्टिव रहना कैंसर के खतरे को कम कर सकता है.