digestion
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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बेतरतीब खानपान से डाइजेशन की समस्याएं आम हो गई हैं. इसमें पेट में गैस, ब्लोटिंग और भारीपन जैसी परेशानियां होती हैं. लेकिन इस समस्या का समाधान आपके किचन में मौजूद है. अगर आपको या आपकी फैमिली में किसी को ये समस्या आती है तो किचन में मौजूद चीजों से 4 पावरफुल ड्रिंक्स बना सकते हैं और इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे डाइजेशन सुधारने और वेट लॉस में मदद मिलती है. चलिए इन चारों ड्रिंक्स के बारे में बताते हैं.
सौंफ और दालचीनी की ड्रिंक-
सौंफ और दालचीनी का इस्तेमाल करके बनाई गई यह ड्रिंक पेट को ठंडा रखती है और डाइजेशन प्रोसेस को स्मूथ करती है. दालचीनी मेटाबॉलिज्म को एक्टिव करती है, जिससे वेट लॉस में मदद मिलती है। इसे बनाने के लिए 250 एमएल पानी में सौंफ और दालचीनी डालकर उबालें. इसे गुनगुना करके सुबह खाली पेट या रात के खाने के बाद लें.
अदरक और काली मिर्च की ड्रिंक-
अदरक और काली मिर्च से बनी यह ड्रिंक सूजन और जॉइंट पेन को कम करती है. काली मिर्च न्यूट्रिएंट्स के ऑब्जर्वेशन को इंप्रूव करती है. इसे बनाने के लिए अदरक को ग्रेट करके और काली मिर्च को दरदरी कूटकर पानी में उबालें. यह ड्रिंक बेली फैट को बर्न करने और मेटाबॉलिज्म को फास्ट करने में मदद करती है. इसे सुबह खाली पेट या दोपहर में लिया जा सकता है.
नींबू और शहद की ड्रिंक-
नींबू और शहद से बनी यह ड्रिंक बॉडी को डिटॉक्स करती है और स्किन को ग्लोइंग बनाती है. इसे बनाने के लिए गर्म पानी में नींबू और शहद डालें. डायबिटिक लोग शहद को स्किप कर सकते हैं. इसे सुबह खाली पेट हल्का गुनगुना करके लें.
सौंफ और अजवाइन की ड्रिंक-
सौंफ और अजवाइन से बनी यह ड्रिंक पेट की जलन और इरिटेशन को शांत करती है. इसे बनाने के लिए पानी में सौंफ और अजवाइन डालकर उबालें. इसे डिनर के बाद गुनगुना करके लें. यह ड्रिंक पेट की हेवीनेस को कम करती है.
इन ड्रिंक्स के सेवन से होगा फायदा-
इन ड्रिंक्स को एक दिन में एक से दो बार ही लें और कम से कम 7 से 14 दिन तक नियमित रूप से लें. प्रेगनेंसी, बीपी या किसी अन्य मेडिकल कंडीशन में डॉक्टर की सलाह के बिना इन ड्रिंक्स को न लें. इन चारों ड्रिंक्स को सही तरीके से लेने से डाइजेशन सुधारने, वेट लॉस और एनर्जी बढ़ाने में मदद मिलती है.
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