गुलाब से मिल सकता है सफेद बालों से छुटकारा
गुलाब से मिल सकता है सफेद बालों से छुटकारा
गुलाब को अब तक प्यार और खुशबू का प्रतीक माना जाता था, लेकिन अब वैज्ञानिकों का मानना है कि यही फूल सफेद बालों की समस्या का समाधान भी बन सकता है. जी हां, हालिया की रिसर्च में दावा किया गया है कि गुलाब के पौधों से निकाली गई स्टेम सेल तकनीक की मदद से बालों का प्राकृतिक रंग दोबारा लौटाया जा सकता है. यह खोज उन लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर हो सकती है, जो कम उम्र में ही सफेद बालों से परेशान हैं. चलिए आपको इस खबर के बारे में डिटेल में बताते हैं.
दरअसल, नई रिसर्च के मुताबिक, डैमस्क रोज (Damask Rose) नामक गुलाब की किस्म से स्टेम सेल निकाली जाती हैं. ये स्टेम सेल पौधे की जड़ों और पत्तियों से ली जाती हैं.स्टेम सेल को ‘मास्टर सेल’ कहा जाता है, क्योंकि इनमें शरीर की कई तरह की कोशिकाओं में बदलने की क्षमता होती है. वैज्ञानिक इन स्टेम सेल को खास केमिकल्स से ट्रीट करते हैं, जिससे ये एक्सोसोम (Exosomes) नाम के बेहद सूक्ष्म कण छोड़ती हैं.
एक्सोसोम असल में नैनो-साइज फैट बबल्स होते हैं, जिनमें जेनेटिक मैटेरियल और प्रोटीन मौजूद होते हैं. ये शरीर की खराब या निष्क्रिय कोशिकाओं की मरम्मत में मदद करते हैं. इस तकनीक में गुलाब से निकले एक्सोसोम को स्कैल्प में इंजेक्ट किया जाता है, ताकि मेलानोसाइट्स (Melanocytes) दोबारा सक्रिय हो सके. मेलानोसाइट्स वही कोशिकाएं होती हैं, जो बालों को रंग देने वाले पिगमेंट का निर्माण करती हैं. उम्र बढ़ने या ज्यादा तनाव के कारण स्कैल्प में मौजूद मेलानोसाइट्स धीरे-धीरे निष्क्रिय हो जाती हैं. जब ये कोशिकाएं पिगमेंट बनाना बंद कर देती हैं, तो बाल सफेद या ग्रे नजर आने लगते हैं. हालांकि देखने में बाल सफेद लगते हैं, लेकिन असल में हर बाल पारदर्शी (Translucent) होता है.
सफेद से काले हो गए बाल
इस रिसर्च में थाईलैंड, ग्रीस और ब्राजील के वैज्ञानिक शामिल थे. अध्ययन में शामिल 10 लोगों में से 6 लोगों के बालों का रंग चार से पांच ट्रीटमेंट के बाद कम से कम 50 प्रतिशत तक वापस आ गया. सबसे बड़ी बात यह रही कि किसी भी तरह के साइड इफेक्ट की सूचना नहीं मिली.
मानव स्टेम सेल की जगह पौधों की स्टेम सेल का इस्तेमाल इसलिए किया गया, क्योंकि ये आसानी से उपलब्ध होती हैं, सुरक्षित मानी जाती हैं और इनके उपयोग से किसी तरह का नैतिक विवाद भी नहीं जुड़ा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि जीन भी सफेद बालों में अहम भूमिका निभाते हैं. लगभग 90 प्रतिशत लोग 60 साल की उम्र तक आंशिक या पूरी तरह सफेद बालों वाले हो जाते हैं. आमतौर पर यह प्रक्रिया धीरे-धीरे होती है, लेकिन कुछ मामलों में अत्यधिक तनाव के कारण यह तेजी से भी हो सकती है.
कैंसर की दवाएं ग्रे बालों को फिर से काला करने में मददगार
इससे पहले भी कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के रूप में बालों का रंग लौटने के मामले सामने आए हैं. 2017 में एक रिपोर्ट में बताया गया था कि कैंसर की कुछ दवाएं, जैसे PD-1 inhibitors, कुछ मरीजों में ग्रे बालों को फिर से काला कर रही थीं. हालांकि इन दवाओं के गंभीर साइड इफेक्ट भी होते हैं. डॉक्टर क्रिस्टोस त्ज़ियोट्ज़ियोस के अनुसार, गुलाब से निकले एक्सोसोम द्वारा पिगमेंट उत्पादन को दोबारा सक्रिय करना वैज्ञानिक रूप से संभव लगता है, लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह इलाज स्थायी और पूरी तरह असरदार है या नहीं.
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