Side Effects Of Less Sleep (AI)
Side Effects Of Less Sleep (AI)
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग रात की नींद कम ले पाते हैं. इसके पीछे की वजह होती है काम, मोबाइल, पढ़ाई या दूसरी कारण. इसी के चलते कुछ लोग रोज सिर्फ 5 घंटे ही सो पाते हैं. ऐसा होने पर शुरुआत में ऐसा लग सकता है कि शरीर कम नींद का आदी हो गया है. लेकिन लंबे समय तक ऐसा करना सेहत के लिए ठीक नहीं माना जाता. ज्यादातर एडल्ट्स को डॉक्टर खुद को कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेने की बात कहते हैं. लेकिन सवाल उठता है कि कम नींद लेने से हमारे शरीर पर क्या असर पड़ता है.
नींद कम होने का असर सबसे पहले दिमाग के काम करने की क्षमता पर पड़ता है. कम नींद के चलते फोकस करने, चीजें याद रखने और सही फैसला लेने में परेशानी हो सकती है. काम करने में ज्यादा समय लग सकता है और छोटी-छोटी गलतियां भी बढ़ सकती हैं. पर्याप्त नींद दिमाग को सीखने और याददाश्त मजबूत करने में मदद करती है.
रोज 5 घंटे सोने वाले व्यक्ति को दिन में थकान और नींद महसूस हो सकती है. सुबह उठने के बाद भी शरीर पूरी तरह तरोताजा नहीं महसूस होता. कई बार लोग कॉफी या चाय के सहारे खुद को एक्टिव रखने की कोशिश करते हैं. लेकिन कैफीन नींद की कमी को पूरा नहीं कर सकता.
कम नींद का असर आपके मूड पर भी पड़ सकता है. छोटी बातों पर गुस्सा या चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है. तनाव को संभालना मुश्किल लग सकता है. लंबे समय तक नींद की कमी का कनेक्शन चिंता और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याओं से भी देखा गया है.
नींद कम होने से भूख और पेट भरा होने का एहसास देने वाले हार्मोन का बैलेंस प्रभावित हो सकता है. इससे ज्यादा भूख लग सकती है. लंबे समय तक कम नींद लेने से ज्यादा भूख लग सकती है, जिससे वजन बढ़ने और शरीर में शुगर को संभालने की पावर पर असर पड़ता है.
ज्यादातर एडलट्स के लिए हर रात 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद बेहतर मानी जाती है. कभी-कभार 5 घंटे की नींद हो जाए तो अलग बात है, लेकिन इसे रोज की आदत बनाना ठीक नहीं है. अगर लगातार नींद कम हो रही है या दिनभर बहुत ज्यादा नींद आती है, तो इसकी वजह जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.