H1N1 Cases Rising
H1N1 Cases Rising
बुखार, शरीर में दर्द और खांसी जैसे लक्षण दिखें तो ज्यादातर लोग इसे बदलते मौसम का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन ये H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के भी सामान्य लक्षण हो सकते हैं. दिल्ली-NCR समेत देश के कुछ हिस्सों में H1N1 के मामले बढ़ रहे हैं. हालांकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक घबराने की जरूरत नहीं है. ICMR ने साफ किया है कि देश में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला है. अभी जो वायरस फैल रहा है, वह 2025 से ही सर्कुलेशन में है. यानी खतरा किसी नए वायरस का नहीं, बल्कि एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे तक आसानी से पहुंचने वाले फ्लू वायरस का है. दिल्ली में इस साल अब तक इन्फ्लुएंजा-A के 2,300 से ज्यादा मामले सामने आए हैं, जिनमें 1,777 से अधिक H1N1 केस बताए गए हैं. अकेले एक दिन में 114 नए H1N1 मामले रिपोर्ट हुए.
सबसे पहले समझें- H1N1 क्या है?
H1N1 इन्फ्लुएंजा-A वायरस का एक प्रकार है, जो सांस की बीमारी पैदा करता है. इसे आम भाषा में स्वाइन फ्लू कहा जाता है. इसके लक्षण कई बार सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं. आम लक्षणों में अचानक बुखार, खांसी, सिरदर्द, गले में खराश, शरीर में दर्द, ठंड लगना और थकान शामिल हैं. ज्यादातर मामलों में बीमारी कुछ समय में ठीक हो जाती है. ICMR के मुताबिक भारत में फिलहाल फैल रहे वायरस का वैक्सीन स्ट्रेन से अच्छा मैच है. इसलिए इसे लेकर किसी नए या बेहद खतरनाक वायरस की तरह डरने की जरूरत नहीं है.
घर में एक मरीज से बाकी लोगों तक कैसे पहुंचता है वायरस?
डॉ. इन्दर मोहन चुघ के अनुसार, H1N1 संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने से निकलने वाली सांस की बूंदों के जरिए फैल सकता है. इसके अलावा संक्रमित हाथों और बार-बार छुई जाने वाली चीजों के जरिए भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है.
घर में संक्रमण फैलने की 7 आम जगहें-
1. एक ही कमरे में लंबे समय तक रहना
अगर संक्रमित व्यक्ति और परिवार के सदस्य लंबे समय तक बंद कमरे में साथ रहते हैं, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. कमरे में हवा का आना-जाना जरूरी है.
2. खांसते-छींकते समय मुंह न ढंकना
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक खुला रखने से वायरस आसपास फैल सकता है. टिश्यू या कोहनी से मुंह-नाक ढंकना बेहतर है.
3. हाथ साफ किए बिना चीजें छूना
संक्रमित व्यक्ति खांसने या नाक साफ करने के बाद हाथ नहीं धोता और फिर दरवाजा, टेबल या दूसरी चीजें छूता है तो संक्रमण फैलने का जोखिम बढ़ सकता है.
4. मोबाइल और रिमोट शेयर करना
घर में मोबाइल, टीवी रिमोट, कंप्यूटर, टैबलेट जैसी चीजें बार-बार छुई जाती हैं. इन्हें सैनिटाटइज रखना जरूरी है.
5. तौलिया और रूमाल शेयर करना
संक्रमित व्यक्ति का तौलिया या रूमाल दूसरे सदस्य इस्तेमाल न करें. व्यक्तिगत सामान अलग रखना बेहतर है.
6. खाने-पीने की चीजें शेयर करना
संक्रमित व्यक्ति के साथ एक ही बर्तन या गिलास इस्तेमाल करने से बचें. खासकर बीमारी के दौरान व्यक्तिगत सामान अलग रखें.
7. मरीज के बहुत करीब बैठना या सोना
बहुत नजदीकी संपर्क संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकता है. मरीज को आराम के लिए अलग जगह देना और कमरे में हवा का वेंटिलेशन रखना मददगार है.
स्वाइन फ्लू के लक्षण
डॉ. इन्दर मोहन चुघ के अनुसार, हर बुखार या खांसी H1N1 नहीं होती. लेकिन अगर बुखार और खांसी लगातार बनी रहे, लक्षण बढ़ते जाएं या मरीज की हालत बिगड़ने लगे तो डॉक्टर से जरूर मिलें. खास तौर पर सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, बहुत ज्यादा कमजोरी, लगातार तेज बुखार, भ्रम की स्थिति या ऑक्सीजन कम होने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें. बच्चों, बुजुर्गों और पहले से हृदय, फेफड़े, डायबिटीज या कमजोर इम्युनिटी जैसी समस्या वाले लोगों में ज्यादा सावधानी जरूरी है.
H1N1 से बचने के लिए क्या करें?
बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने पर मास्क पहनें.
साबुन और पानी से हाथ बार-बार धोएं.
खांसते या छींकते समय नाक-मुंह ढंकें.
कमरे और घर में वेंटिलेशन अच्छा रखें.
बीमार होने पर भीड़ और करीबी संपर्क से बचें.
पर्याप्त आराम और पानी लेते रहें.
लक्षण बढ़ने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें.
H1N1 की वैक्सीन संक्रमण से बचाव में मदद कर सकती है और बीमारी होने पर उसकी गंभीरता कम करने में मदद कर सकती है. लेकिन इसे बीमारी की सीधी दवा नहीं माना जाता. किस व्यक्ति को फ्लू वैक्सीन लगवानी चाहिए, कितनी बार लगवानी है और उसके लिए सही समय क्या है, यह उम्र और स्वास्थ्य की स्थिति के हिसाब से अलग हो सकता है. इसलिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.
इम्युनिटी बढ़ाने के लिए क्या करें?
H1N1 से बचने के लिए किसी एक खास खाने या घरेलू नुस्खे को इलाज मानना सही नहीं है. शरीर की सामान्य प्रतिरोधक क्षमता बेहतर रखने के लिए पूरी नींद, संतुलित खाना, पर्याप्त पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि पर ध्यान दें.