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सिर्फ 14 दिन के लिए छोड़ दें शुगर, फिर लिवर से लेकर वजन तक देखें हैरान कर देने वाले बदलाव

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि ज्यादा शुगर, खासकर फ्रक्टोज, लिवर को किस तरह नुकसान पहुंचाती है. उनके अनुसार, 'फ्रक्टोज सीधे लिवर में प्रोसेस होता है और वहां फैट बनाने की प्रक्रिया को तेज कर देता है.

चीनी छोड़ने पर शरीर में होने वाले बदलाव चीनी छोड़ने पर शरीर में होने वाले बदलाव

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में शुगर जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है. लेकिन हम आपको बता दें कि, मीठा स्वाद भले ही अच्छा लगता हो, लेकिन यह आदत मोटापा बढ़ाने के साथ-साथ नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) जैसी गंभीर बीमारी की वजह बन सकती है. खास बात यह है कि बहुत कम लोग जानते हैं कि अगर सिर्फ 14 दिनों के लिए भी शुगर छोड़ दी जाए, तो शरीर और खासकर लिवर पर इसके सकारात्मक असर दिखने लगते हैं.

हाल ही में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि ज्यादा शुगर, खासकर फ्रक्टोज, लिवर को किस तरह नुकसान पहुंचाती है. उनके अनुसार, 'फ्रक्टोज सीधे लिवर में प्रोसेस होता है और वहां फैट बनाने की प्रक्रिया को तेज कर देता है. इसी वजह से लिवर की कोशिकाओं में चर्बी जमा होने लगती है और फैटी लिवर की समस्या पैदा होती है.' डॉ. सेठी ने यह भी समझाया कि जब आप शुगर छोड़ते हैं, तो शरीर लगभग तुरंत प्रतिक्रिया देना शुरू कर देता है. इसके असर को उन्होंने दिन के हिसाब से समझाया है.

पहले दो दिन में बदलाव
शुगर छोड़ने के शुरुआती दो दिनों में लिवर तक पहुंचने वाला फ्रक्टोज कम हो जाता है. इससे लिवर में फैट बनने की प्रक्रिया घटती है और इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर होने लगती है. इस दौरान भले ही वजन में कोई बड़ा बदलाव न दिखे, लेकिन अंदरूनी सुधार शुरू हो चुका होता है.

तीसरे से सातवें दिन तक
पहले हफ्ते में ही लिवर पर शुगर का दबाव कम होने लगता है. शरीर में सूजन पैदा करने वाले संकेत घटते हैं और इंसुलिन का असर बेहतर होता है. भले ही यह बदलाव तुरंत रिपोर्ट में न दिखे, लेकिन लिवर के मेटाबॉलिज़्म में सुधार होने लगता है.

आठवें से चौदहवें दिन तक
दूसरे हफ्ते में बदलाव और साफ दिखने लगते हैं. ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर कम होने लगता है, फास्टिंग ब्लड शुगर बेहतर होती है, पेट की सूजन घटती है और पेट के आसपास जमा चर्बी के संकेत कम हो जाते हैं. इस दौरान लिवर भी कम फैट बाहर भेजता है. डॉ. सेठी ने बताया कि फ्रक्टोज और ग्लूकोज़ में फर्क होता है. फ्रक्टोज इंसुलिन के सामान्य नियंत्रण को बायपास करता है और सीधे लिवर में जाकर फैट में बदल जाता है. यही वजह है कि कैलोरी कम किए बिना भी सिर्फ एडेड शुगर घटाने से बड़ा फायदा मिलता है.

किन चीजों में एडेड शुगर से बचें?
मीठे ड्रिंक्स और जूस
फ्लेवर्ड योगर्ट
सीरियल और एनर्जी बार
सॉस और ड्रेसिंग
बेकरी आइटम
शराब


डॉ. सेठी के अनुसार, फैटी लिवर, बढ़े हुए ट्राइग्लिसराइड्स, इंसुलिन रेजिस्टेंस, पेट की चर्बी, बार-बार मीठा खाने की इच्छा और लगातार थकान महसूस करने वाले लोगों के लिए शुगर छोड़ना बेहद फायदेमंद हो सकता है.

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