AI Generated Image
AI Generated Image
मेडिकल एमरजेंसी की बात करें, तो यह किसी के साथ कभी भी हो सकती है. लेकिन अगर आप किसी के साथ और उसके साथ अचानक कोई मेडिकल एमरजेंसी जैसे हालात पैदा हो जाते हैं, तो आपको इतना ज्ञान होना जरूरी है कि जब तक डॉक्टरी मदद न मिले तब तक आप उन हालात को किस तरह संभालेंगे.
कई मेडिकल एमरजेंसी ऐसी होती हैं, जिसमें अगर आप शुरुआती दौर में हालात को संभाल लेते हैं तो वह लम्हें काफी अहमियत रखते हैं. इसमें हार्ट अटैक, स्ट्रोक और सीज़र तक शामिल होता है. ये तीनों चीज़ें ऐसी जो कभी भी किसी के साथ अचानक घटित हो जाती हैं.
तीनों में से अगर हम सीज़र की बात करें तो इसमें इंसानी शरीर कुछ इस तरह हरकत करता है कि साथ वाले को समझ भी नहीं आता कि आखिर हुआ क्या है. हार्ट अटैक में जहां सीने में दर्द होता है, ठीक उसी प्रकार सीज़र में भी शरीर कुछ हरकत करता है. लेकिन इन लक्षणों को केवल सामने वाला ही देख पाता है.
क्या हैं सीज़र के लक्षण?
सीज़र को फिट्स और हिंदी में दौरे के नाम से भी जाना जाता है. इसमें इंसान के हाथों-पैरों में झटके आते है, शरीर अकड़ने लगता है, उसकी आंखे तेजी से झपकने लगती हैं, सांस लेने में परेशानी होती है, पेशाब छूट जाता है, वह आसमान की तरफ देखने लग जाता है, कई बार अचानक गिर जाता है और कई मामलों में तो बेहोश तक हो जाता है.
सीज़र के लक्षण जितने गंभीर हैं, उनका ही महत्वपूर्ण होता है इंसान को उस स्थिति में संभालना. क्योंकि अगर शख्स को सही तरीके के संभाला जाए तो उसे कई चोट से बचाया जा सकता है.
किस तरह से संभाले जाएं हालात?
कब जरूरत है मेडिकल सहायता की?
आमतौर पर सीज़र 2-3 मिनट के लिए आता है, फिर रुक जाता है. लेकिन अगर सीज़र लगातार आए जा रहे हो, तो बेहतर है आप उन्हें फौरन डॉक्टर के पास लेकर जाएं. जिससे डॉक्टर जल्द से जल्द उन्हें काबू में ला पाएं. साथ ही अगर उनकी कोई मेडिकल हिस्ट्री नहीं होगी तो इस दौरान इस बीमारी के बारे में डिटेल से पता लगाया जा सकेगा और दवा प्रेसक्राइब की जा सकेगी.