गुलाबी नगरी जयपुर के आसमान में शुक्रवार को ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी की धड़कनें थाम दीं. मानसागर झील और जलमहल के ऊपर जब भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट्स ने गरजते हुए प्रवेश किया, तो पूरा शहर देशभक्ति के रंग में रंग गया. नाहरगढ़ की पहाड़ियों के पीछे से निकलकर करीब 1000 फीट की ऊंचाई पर तिरंगे धुएं के साथ जो करतब दिखाए गए, उन्होंने 55 मिनट तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध बनाए रखा. कार्यक्रम की शुरुआत 'वंदे मातरम्' और राष्ट्रगान से हुई, जिसने इस आयोजन को और भी गरिमा प्रदान की.
जयपुर में आयोजित दो दिवसीय एयर शो में भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक्स टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने हिस्सा लिया. सूर्यकिरण टीम का यह 801वां एयर शो था. देश और विदेश में 800 सफल प्रदर्शन कर चुकी इस टीम ने जयपुर में एक नया अध्याय जोड़ा.
करीब 50 से 55 मिनट के इस शो में सूर्यकिरण के 9 फाइटर जेट्स ने केवल पांच-पांच मीटर की दूरी बनाए रखते हुए 700 से 1400 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ान भरी. इतनी कम दूरी और इतनी तेज गति पर तालमेल अपने आप में अद्भुत कौशल का उदाहरण है.
सूर्यकिरण टीम के 14 पायलट्स में से तीन जयपुर के हैं. विंग कमांडर राजेश काजला, विंग कमांडर अंकित वशिष्ठ और स्क्वॉड्रन लीडर संजेश सिंह. जब स्क्वॉड्रन लीडर संजेश सिंह ने कॉकपिट से कहा, "इसे कहते हैं मारवाड़ी एंट्री," तो दर्शकों में उत्साह की लहर दौड़ गई.
वहीं, विंग कमांडर राजेश काजला ने "खम्मा घणी जयपुर, आपका धन्यवाद… जय हिंद" कहकर शहर को सलाम किया. पायलट्स ने बीच-बीच में कॉकपिट से अपनी फॉर्मेशन और संदेशों के जरिए दर्शकों को जानकारी भी दी, जिससे शो और अधिक रोचक बन गया.
नौ विमानों के साथ 18 रोमांचक मैन्युवर प्रस्तुत किए गए. 'लूप' में विमान नाहरगढ़ की पहाड़ियों के पीछे से निकलकर वर्टिकल जीरो बनाते हुए आसमान में घूम गए. 'डबल कॉर्क स्क्रू' में डीएनए जैसी आकृति बनी. 'डबल क्रॉस' में विमान आमने-सामने क्रॉस करते नजर आए.
'अल्फा क्रॉस', 'अग्नि', 'बिग एरो', 'इंडिया सेल', 'हार्ट पिचिंग', 'सिंगल क्रॉस', 'क्लोवर', 'रोल', 'जय हिंद', 'हिडन स्प्लिट', 'डाउनवर्ड क्लोवर ब्रस्ट', 'क्यूबन', 'बज' और 'बॉम्ब ब्रस्ट लूप' जैसे मैन्युवर ने रोमांच को चरम पर पहुंचा दिया.
तिरंगा धुआं स्वदेशी स्मोक पॉड्स से निकला, जिन्हें वायुसेना के 11 बेस रिपेयर डिपो, नासिक में विकसित किया गया है. जब आसमान में तिरंगे की छटा फैली, तो जलमहल और मानसागर का दृश्य और भी मनमोहक हो गया.
सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने भी शानदार प्रदर्शन किया. जयपुर एयरपोर्ट से उड़ान भरकर मानसागर पहुंचे हेलीकॉप्टरों ने 'योधा', 'इंडिया', 'डायमंड', 'डॉल्फिन' और 'क्रॉसओवर' जैसी फॉर्मेशन बनाईं.
डबल एरो क्रॉस और हार्ट पिचिंग फॉर्मेशन भी आकर्षण का केंद्र रहीं. हेलीकॉप्टरों की सटीक मूवमेंट और सामंजस्य ने दर्शकों को पूरी तरह प्रभावित किया.
22 फरवरी को होने वाला मुख्य आयोजन एक बार फिर जयपुर के आसमान को शौर्य के रंगों से सजा देगा. जो लोग यह नज़ारा नहीं देख पाए, उनके लिए यह सुनहरा मौका होगा जब गुलाबी नगरी का आसमान फिर गूंजेगा.