जैसलमेर की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज मंगलवार को वायुसेना की ताकत और प्रहार से थर्रा उठी. भारतीय वायुसेना ने दिन-रात के प्रदर्शन कार्यक्रम में अपने दुश्मन देशों को आंख दिखाते हुए विश्व की सर्वश्रेष्ठ वायुसेनाओं में से एक होने का जबरदस्त प्रदर्शन किया. इस दौरान वायुसेना के वायु योद्धाओं ने पूरी फायरिंग रेंज को जोरदार धमाकों से गुंजायमान कर दिया.
आगामी 27 फरवरी को आयोजित होने वाले वायु शक्ति 2026 के मुख्य प्रदर्शन कार्यक्रम की फुल ड्रेस रिहर्सल के दिन-रात के प्रदर्शन कार्यक्रम में मंगलवार को वायुसेना के लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों ने देश में निर्मित गोला-बारूद, मिसाइल और अन्य साजो-सामान के जरिए दुश्मन के छद्म ठिकानों पर अचूक निशाने साधते हुए अपनी मारक क्षमता का जोरदार प्रदर्शन किया. इस फायर पावर डेमोन्स्ट्रेशन में पूरी रेंज भयंकर बम धमाकों और रेत के गुबार से गूंज उठी.
हालांकि हाल ही में एक अग्रिम मोर्चे के फाइटर बेस पर जमीन पर हुई तकनीकी घटना के कारण HAL Tejas Mk-1 ने मंगलवार को राजस्थान के जैसलमेर के पास पोखरण में आयोजित भारतीय वायुसेना के प्रमुख अभ्यास 'वायु शक्ति' की फुल ड्रेस रिहर्सल में हिस्सा नहीं लिया. 27 फरवरी को होने वाले मुख्य कार्यक्रम में भी इसके शामिल होने की संभावना कम है.
एलसीए एमके-1 पहले उन विमानों की सूची में शामिल था, जिन्हें अभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता प्रदर्शित करनी थी.
सूत्रों के अनुसार, 7 फरवरी को हुई घटना के बाद Indian Air Force अपने तेजस बेड़े की सुरक्षा जांच कर रही है, जिसके चलते स्वदेशी लड़ाकू विमान संभवतः अभ्यास से दूर रहा.
फुल ड्रेस रिहर्सल का मुख्य आकर्षण वायुशक्ति में पहली बार शामिल हुए भव्य ड्रोन शो का आयोजन रहा. इसमें वायुसेना ने देश का नक्शा बनाया, आतिशबाजी की और एयरफोर्स का प्रतीकात्मक विमान भी दिखाया गया.
इस ड्रोन शो में 1965 के युद्ध में सरगोधा में बहादुरी दिखाने वाले निर्मलजीत सिंह, कारगिल में टाइगर हिल पर वायुसेना की बमबारी, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर को दिखाया गया. इसमें बताया गया कि किस तरह हमने एस-400 और अन्य आकाशीय सुरक्षा प्रणालियों से दुश्मन देश के हमलों को नाकाम किया और ऑपरेशन सिंदूर में किस तरह पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया.
आज के फुल ड्रेस रिहर्सल में मुख्य अतिथि भारतीय वायुसेना के उप वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल नागेश कपूर और दक्षिण-पश्चिमी कमान के Air Officer Commanding-in-Chief एयर मार्शल तेजेन्द्र सिंह सहित सेना, वायुसेना और नौसेना के बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद थे. भारत के मित्र देशों के एयर अटैची और डिफेंस अटैची के साथ बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी उपस्थित थे.
वायुशक्ति का मुख्य आयोजन 27 फरवरी को इसी पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में होगा. इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि होंगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राजस्थान के गवर्नर हरिभाऊ किसनराव बागड़े, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, तीनों सेनाओं के प्रमुखों सहित विदेशी मित्र देशों के डिफेंस और एयर अटैची सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहेंगे.
इस अभ्यास में लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, परिवहन विमान, रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट, काउंटर-मानवरहित हवाई प्रणाली तथा सतह से हवा में मार करने वाली निर्देशित मिसाइल प्रणालियां शामिल हुईं. इस अभ्यास में राफेल, जगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, हॉक, सी-130जे, सी-295, सी-17, चेतक, एएलएच एमके-IV, एमआई-17 IV, एलसीएच, अपाचे, चिनूक तथा रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (RPA) सहित फाइटर, ट्रांसपोर्ट और हेलीकॉप्टर प्लेटफॉर्म द्वारा पूर्ण स्पेक्ट्रम ऑपरेशन किए गए.
फुल ड्रेस रिहर्सल की शुरुआत हाल ही में वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमान द्वारा लगभग 1300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से निकाले गए सुपरसोनिक बूम से हुई, जिससे पूरी रेंज थर्रा उठी.
इसके बाद दुश्मन के छद्म ठिकानों को नष्ट करने का प्रदर्शन हुआ. सुखोई-30 एमकेआई ने दुश्मन के रनवे और ठिकानों को तबाह किया. सुखोई ने दुश्मन के ठिकानों को टारगेट करते हुए बम बरसाए. मिग-29 फाइटर जेट ने टैंकों के काफिले को ध्वस्त किया. जैसे ही बम टारगेट पर गिरे, धूल का बड़ा गुबार उठ गया. वॉर जोन में आकाश मिसाइल ने लक्ष्य को हवा में ही नष्ट कर दिया.
इस फायर पावर डेमोन्स्ट्रेशन की फुल ड्रेस रिहर्सल में वायुसेना के जांबाजों ने अपनी उड़ान क्षमता और घातक मारक शक्ति का शानदार प्रदर्शन किया. वायुसेना के जांबाजों ने दुश्मन के नकली रडार, सेना की टुकड़ी, हथियारों का जखीरा, विमानों के बंकर, एम्युनिशन डंप, हवाई पट्टी, नकली पेट्रोल पंप और अन्य छद्म लक्ष्यों पर रॉकेट, लेजर-नियंत्रित बम, मिसाइल और फ्रंट गन से अचूक निशाने लगाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया. इससे पूरी रेंज में रोमांच का माहौल बन गया.
वायुसेना के लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों ने रॉकेट, बम और लेजर गाइडेड बम छोड़कर अपनी अचूक मारक क्षमता का प्रदर्शन किया. साथ ही स्वदेशी तकनीक से बनी आकाश मिसाइल और हरक्यूलिस प्रणाली ने भी सतह से हवा में मार करने वाले लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट किया.
इसके साथ ही एएन-32, एम्बेयर, आईएल-76, आईएल-78 तथा सी-130जे ने अपनी सर्वोच्च क्षमता का प्रदर्शन करते हुए इस अभ्यास में भाग लिया. रेंज में बनी अस्थायी हवाई पट्टी पर सी-130 हरक्यूलिस विमान ने लैंडिंग करते हुए युद्ध क्षेत्र में कमांडो को उतारने का प्रदर्शन किया.
अभ्यास के दौरान परिशुद्धता, लंबी दूरी के हथियारों के उपयोग, परिवहन क्षमता, हेलीकॉप्टर बेड़े और भारतीय सेना के साथ विशेष अभियानों सहित विभिन्न हवाई अड्डों से प्रभावी संचालन में भारतीय वायुसेना की शक्ति का प्रदर्शन हुआ.
प्रदर्शन में भारतीय वायु सीमा में घुसपैठ करने वाले विमानों को ट्रैक करने और उन्हें मार गिराने के साथ सतह से हवा में मार करने वाली स्वदेश में निर्मित हथियार प्रणालियों आकाश और समर का उपयोग भी दिखाया गया.
(रिपोर्ट- विमल भाटिया)