परोसे गए खाने में कीड़ा
परोसे गए खाने में कीड़ा
अहमदाबाद में गुजरात यूनिवर्सिटी के पास स्थित सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल में परोसे जा रहे डिनर में से एक बार फिर कीड़े निकलने के फोटो वायरल होने पर हंगामा मच गया है.
इससे पहले 28 सितंबर के दिन भी इसी समरस गर्ल्स हॉस्टल के खाने में से कनखजूरा और पानी में छिपकली देखी गई थी. तब भोजन मुहैया करवाने वाली एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग छात्राओं और ABVP द्वारा की गई थी. लेकिन उसके दो दिन बाद दोबारा खाने में से कीड़े निकलने पर छात्राओं के स्वास्थ्य के साथ हो रहा मजाक चर्चा का केंद्र बन गया है.
सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल में डिनर में सेव-टमाटर की सब्जी छात्राओं को परोसी जा रही थी. जिस दौरान एक छात्रा को परोसी गई सब्जी में कीड़ा मिलने पर हंगामा मच गया. जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल होते ही इस बार NSUI के कार्यकर्ताओं ने छात्राओं के साथ मिलकर जमकर विरोध किया. साथ ही एक बार फिर हॉस्टल में छात्राओं को भोजन मुहैया करवाने वाली एजेंसी को तुरंत हटाने की माग की है.
28 सितंबर के दिन इसी सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल के भोजन में जब कनखजूरा और पानी में छिपकली पाई गई, उसके बाद 100 जितनी छात्राओं ने ABVP के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन करके भोजन मुहैया करवाने वाली एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने की मांग की थी.
जिसके बाद अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के फूड विभाग ने भी एजेंसी की लापरवाही के खिलाफ कार्यवाही करते हुए ₹25000 रुपये का दंड करके भोजन के सैंपल जांच के लिए कलेक्ट किए थे.
अब जब दोबारा इसी सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल के डिनर में कीड़ा पाया गया तो छात्राओं के साथ मिलकर एनएसयूआई द्वारा भोजन मुहैया कराने वाली एजेंसी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने की मांग की गई है. साथ ही 12 घंटे में अगर एजेंसी के खिलाफ कार्यवाही नहीं होती तो उग्र विरोध प्रदर्शन करने की बात कही है.
एनएसयूआई अहमदाबाद के प्रेसिडेंट चिराग दरजी ने कहा, सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल में पिछले 1 महीने में कई बार भोजन में से कीड़े मिलने के मामले सामने आ रहे हैं. जिससे साफ है कि छात्राओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. छात्राओं को स्वच्छ और अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन नहीं मिल रहा है. छात्राओं की अनेक फरियाद के बावजूद किसी प्रकार का कदम एजेंसी के खिलाफ नहीं उठाया जा रहा है.
NSUI की मांग है की, अगले 12 घंटे के भीतर मौजूदा एजेंसी को हटाया जाए, फूड विभाग द्वारा भोजन के सैंपल लेकर जांच की जाए और हॉस्टल में रहने वाली सभी छात्राओं को शुद्ध, पौष्टिक और अच्छा भोजन मिले इस बात की जिम्मेदारी ली जाए.