scorecardresearch

Ajmer High Security Jail: हाई सिक्योरिटी जेल में 12 बिल्लियों का कुनबा, चूहों को भगाने आई 'कैट्स आर्मी' ने सांप के हमले से बचाई कैदी की जान, पढ़ें पूरी कहानी

राजस्थान की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में 10-12 बिल्लियों का कुनबा बंदियों और जेल स्टाफ के बीच तनाव कम कर रहा है. हाल ही में इन बिल्लियों ने सेल में घुसे एक जहरीले सांप को घेरकर शोर मचाया, जिससे नींद से जागे बंदी और प्रहरियों ने समय रहते अपनी जान बचाई.

Advertisement
कैट्स आर्मी के साहस की कहानी कैट्स आर्मी के साहस की कहानी

राजस्थान के अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल आमतौर पर खूंखार अपराधियों और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के लिए जानी जाती है. यहां अलग-अलग सक्रिय गैंग्स से जुड़े करीब 100 अति-सुरक्षित श्रेणी और हार्डकोर बंदी बंद हैं. लेकिन इन दिनों जेल एक अलग वजह से चर्चा में है. यहां रहने वाली 10 से 12 बिल्लियों का कुनबा बंदियों और जेल स्टाफ के बीच तनाव कम करने के साथ-साथ एक बंदी की जान बचाने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं.

जब सेल में घुस आया सांप
जेल अधीक्षक पारसमल जांगिड़ के मुताबिक, हाल ही में रात के समय एक बंदी की सेल में अचानक सांप घुस गया. उस वक्त बंदी गहरी नींद में सो रहा था. तभी जेल में घूम रही बिल्लियों की नजर सांप पर पड़ गई. बिल्लियों ने सांप को चारों तरफ से घेर लिया और उसके आसपास जोर-जोर से आवाजें निकालने लगीं. आवाज सुनकर बंदी की नींद खुल गई. उसने तुरंत जेल स्टाफ को सूचना दी, जिसके बाद प्रहरियों ने मौके पर पहुंचकर सांप को सुरक्षित पकड़ लिया. इस तरह समय रहते एक बड़ा हादसा टल गया.

2022 में जेल में आई थी बिल्लियों की जोड़ी
जेल में इन बिल्लियों के पहुंचने की शुरुआत भी चूहों की समस्या से हुई थी. पारसमल जांगिड़ ने बताया कि साल 2022 में जेल परिसर में चूहों की संख्या काफी बढ़ गई थी. इससे निपटने के लिए प्रशासन एक जोड़ी बिल्लियां लेकर आया था. इसके बाद समय के साथ बिल्लियों की संख्या बढ़ती गई और अब जेल में इनका कुनबा 10 से 12 तक पहुंच चुका है.

बंदियों के अकेलेपन में बनीं साथी
हाई सिक्योरिटी जेल में बंदियों को अकेलेपन और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है. ऐसे माहौल में बिल्लियों की मौजूदगी उन्हें कुछ राहत देती है. जेल अधीक्षक के अनुसार, बंदी अक्सर अकेले रहते हैं और बिल्लियों की आवाजाही से उन्हें आसपास जीवंतता महसूस होती है. यानी चूहों से छुटकारा पाने के लिए लाई गई बिल्लियां अब जेल के माहौल का हिस्सा बन चुकी हैं और बंदियों के लिए एक तरह का साथ भी उपलब्ध करा रही हैं.

रात की ड्यूटी में स्टाफ को भी मिलता है साथ
इन बिल्लियों की मौजूदगी का असर सिर्फ बंदियों तक सीमित नहीं है. जेल में रात के समय अकेले ड्यूटी करने वाले प्रहरी भी इनके साथ से राहत महसूस करते हैं. पारस जांगिड़ के मुताबिक, रात के सन्नाटे में बिल्लियों की अठखेलियां ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों का मन लगाए रखती हैं. इससे उन्हें अपनी ड्यूटी के दौरान ज्यादा सतर्क महसूस होता है.

जेल के माहौल में बना 'गुड फील' फैक्टर
जहां आमतौर पर अपराध, सजा और कड़ी सुरक्षा की तस्वीर दिखाई देती है, वहीं इन बिल्लियों ने इसी माहौल में एक अलग तरह की जगह बना ली है. उनका साथ बंदियों के तनाव और अकेलेपन को कम करने में मदद कर रहा है. साथ ही, सांप वाली घटना ने यह भी दिखा दिया कि जेल में मौजूद इन बिल्लियों की सतर्कता सिर्फ माहौल को हल्का रखने तक सीमित नहीं है. उनकी वजह से एक बंदी समय रहते खतरे से बच सका.
 

ये भी पढ़ें