यूपी की बसें
यूपी की बसें
कई बार बसों में ड्राइवर की सोने की खबरे आती हैं, जिसकी वजह से दुर्घटनाओं के होने की आशंका रहती है. इसे रोकने के लिए उत्तर प्रदेश की बसों (UPSRTC) में जल्द ही सुविधा मिलने वाली हैं. यूपीएसआरटीसी ट्रायल के लिए पांच बसों में 'एंटी-स्लीप' डिवाइस लगाने जा रही है. ये डिवाइस ड्राइवर को नींद आने की स्थिति में कंट्रोल रूम को अलर्ट करने के लिए है. इसके अलावा ये डिवाइस ड्राइवर को जगाने की कोशिश भी करेगा.
ट्रायल के लिए लगाए जायेंगे 5 बसों में डिवाइस
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपीएसआरटीसी के एमडी संजय कुमार ने ट्रायल के लिए पांच बसों में डिवाइस लगाने को कहा है. यह एक सेंसर-आधारित डिवाइस है जिसे ड्राइवर के ठीक सामने इस तरह रखा जाएगा कि इसका कैमरा ड्राइवर के ड्राइविंग करते समय और बस के चलते उसके चेहरे के भावों को कैप्चर कर ले. टेक्नोलॉजी विंग के साथ काम करने वाले अधिकारी ने कहा कि डिवाइस को ड्राइवर की सीट से भी जोड़ा जाएगा. जैसे ही ड्राइवर पलक झपकना बंद करेगा या डिवाइस को आंख की कोई हलचल नहीं दिखाई देगी तो ये एक तेज बीप भेजेगा और साथ ही, उसे जगाने के लिए ड्राइवर की सीट को वाइब्रेट करना शुरू कर देगा. साथ ही कंट्रोल रूम को अलर्ट भी किया जाएगा. अधिकारी के मुताबिक, यह सब पांच सेकंड के भीतर किया जाएगा.
अगर ड्राइवर न उठा तो क्या?
इस अलार्म के बाद भी अगर ड्राइवर जवाब नहीं देता है या बहुत अधिक नींद में है तो कंट्रोल रूम को भेजा गया अलर्ट काम आएगा क्योंकि तब बस के कंडक्टर से संपर्क किया जाएगा और ड्राइवर से संपर्क करने के लिए कहा जाएगा. यह उपकरण 'मानवीय त्रुटि' के कारण होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने में मदद करेगा. दरअसल, ज्यादातर रात की ड्यूटी पर और सुबह 3 बजे से सुबह 5 बजे के आसपास ड्राइविंग करते हुए ड्राइवर सुस्त हो जाते हैं.
इसकी मदद से ड्राइवरों के स्वास्थ्य पर नजर रखने में भी मदद मिलेगी. रिपोर्ट के मुताबिक, ड्राइवरों को सौंपी गई ड्यूटी का शेड्यूल भी ड्राइविंग करते समय ड्राइवर को नींद आने का कारण हो सकता है.