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Bhopal News: भोपाल मेट्रो कर रही यात्रियों का इंतजार... महीने का खर्च 1.5 करोड़, लेकिन कमाई सिर्फ 5 लाख

जहां मेट्रो को लोगों की सुविधा के लिए बड़ा साधन माना जाता है, और इसे बेहतर किया जाता है. लेकिन भोपाल मेट्रो में कमाई ही इतनी नहीं हो पा रही, कि बेहतरी की बात की जाए. यहां जितनी महीने में कमाई हो रही है, उससे ज्यादा महीने का खर्च है.

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Bhopal Metro Bhopal Metro

राजधानी भोपाल में मेट्रो की चमक तो दिखाई दे रही है, लेकिन यात्रियों की संख्या और कमाई के आंकड़े इसकी रफ्तार पर सवाल खड़े कर रहे हैं. आधुनिक सफर का सपना लेकर शुरू हुई मेट्रो फिलहाल सीमित यात्रियों के सहारे दौड़ रही है. हर दिन करीब 5 लाख रुपये के संचालन खर्च के मुकाबले पूरे महीने में टिकटों से महज 4 से 5 लाख रुपये की कमाई हो रही है. यानी एक दिन के संचालन पर जितनी रकम खर्च हो रही है, उतनी कमाई जुटाने में मेट्रो को पूरा महीना लग रहा है. 

सात किलोमीटर के ट्रैक पर सवारियों का इंतजार

भोपाल में एम्स से सुभाष नगर के बीच करीब सात किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर दिसंबर 2025 में मेट्रो सेवा शुरू हुई थी. शुरुआत में उम्मीद जताई गई थी कि मेट्रो शहर के यातायात को नई दिशा देगी और लोगों को जाम से राहत दिलाने में मदद करेगी. लेकिन फिलहाल आठ स्टेशनों तक सीमित इस रूट पर यात्रियों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ सकी है. आंकड़ों के अनुसार, महीने भर में करीब 13 से 15 हजार यात्री मेट्रो से सफर कर रहे हैं.

दिन के खर्च बराबर भी नहीं महीने की कमाई

मेट्रो के संचालन पर प्रतिदिन करीब पांच लाख रुपये खर्च हो रहे हैं. इस हिसाब से मासिक संचालन खर्च लगभग डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंचता है. वहीं, यात्रियों से मिलने वाला किराया पूरे महीने में केवल 4 से 5 लाख रुपये के आसपास है. इन आंकड़ों के बीच का अंतर मेट्रो के सामने खड़ी आर्थिक चुनौती को साफ तौर पर दिखाता है. 

क्या कहना है जनसंपर्क अधिकारी का?

मेट्रो के खर्च और कमाई के बीच बड़े अंतर पर मेट्रो के जनसंपर्क अधिकारी धीरज शुक्ला का कहना है कि भोपाल मेट्रो लगातार यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है. उनके मुताबिक, मेट्रो का एक दिन का संचालन खर्च करीब पांच लाख रुपये है, जबकि महीनेभर में 13 से 15 हजार यात्री सफर करते हैं. इन यात्रियों से लगभग 4 से 5 लाख रुपये की आय होती है. वह कहते हैं कि मेट्रो सार्वजनिक परिवहन का साधन है, इसलिए इसे केवल मौजूदा कमाई के आधार पर नहीं देखा जा सकता. फिलहाल नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है.

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