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प्रयागराज में धीरेंद्र शास्त्री का संगम स्नान, बोले- 'तनातनी नहीं, सनातनी बनें', लेंसकार्ट विवाद पर भी दिया बयान

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भारत की परंपराओं और संस्कृति पर लगातार प्रहार हो रहे हैं, ऐसे में सभी सनातनियों को एक मंच पर आना होगा. उन्होंने गांव-गांव और शहरों में एकता का संदेश फैलाने की बात कही.

Bageshwar Baba Bageshwar Baba

संगम नगरी प्रयागराज में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तीन दिवसीय हनुमत कथा चल रही है. कथा के दूसरे दिन शास्त्री ने संगम में स्नान किया और लेटे हनुमान मंदिर पहुंचकर बजरंगबली के दर्शन कर आरती की. इस दौरान उन्होंने देश की सुख-शांति की कामना की और भारत को एकजुट बनाने का संदेश दिया. उन्होंने कहा जैसे संगम में नदियां मिलती हैं, वैसे समाज को भी एक होना चाहिए.

देश में तनातनी नहीं, सनातनी बनें
संगम स्नान के बाद बातचीत में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जैसे गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम एकता का प्रतीक है, वैसे ही देश के लोगों को भी एकजुट होना चाहिए. उन्होंने कहा कि पहले परिवार को जोड़ना जरूरी है, फिर समाज और उसके बाद राष्ट्र को मजबूत बनाया जा सकता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि देश में तनातनी नहीं, सनातनी बनें और आपसी एकता को प्राथमिकता दें.

विदेशी चुनौतियों से लड़ने के लिए जरूरी है एकजुटता
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भारत की परंपराओं और संस्कृति पर लगातार प्रहार हो रहे हैं, ऐसे में सभी सनातनियों को एक मंच पर आना होगा. उन्होंने गांव-गांव और शहरों में एकता का संदेश फैलाने की बात कही, ताकि देश सामाजिक रूप से मजबूत बन सके और आने वाली चुनौतियों का सामना कर सके.

लेंसकार्ट पर बयान, बहिष्कार की अपील
अपने संबोधन के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने Lenskart को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अगर कोई कंपनी भारतीय परंपराओं और भावनाओं का सम्मान नहीं करती, तो उसका बहिष्कार किया जाना चाहिए. उन्होंने लोगों से ऐसी कंपनियों से सामान न खरीदने की अपील भी की. श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कंपनी अपने कर्मचारियों को तिलक, सिंदूर और मंगलसूत्र जैसे धार्मिक प्रतीक पहनने से रोकती है. कंपनी को 'लाहौर जाकर अपना कारोबार करना चाहिए.'

रिपोर्ट- आनंद राज/ रवीश पाल सिंह 

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