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Gujarat Marriage New Rules: गुजरात में मैरिज रजिस्ट्रेशन के नियम बदलने की तैयारी, माता-पिता को बताना होगा जरूरी, जानें क्या-क्या होगा बदलाव

गुजरात में शादी के रजिस्ट्रेशन के नियमों में बदलाव की तैयारी है. मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए माता-पिता को बताना जरूरी होगा. डिप्टी सीएम हर्ष संघनी ने नियमों और प्रक्रिया का विधानसभा में ऐलान किया. इस बदलाव को लेकर 30 दिन के भीतर लोग सुझाव दे सकते हैं. इसके बाद नए नियम लागू किए जाएंगे.

Gujarat Marriage Rules Gujarat Marriage Rules

गुजरात विधानसभा में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने नियम 44 के तहत गुजरात मैरिज रजिस्ट्रेशन एक्ट 2006 में शादियों के पंजीकरण प्रक्रिया में बदलाव के लिए घोषणा करते हुए कहा कि गुजरात में भागकर शादी करने वालों के लिए पंजीकरण नियमों में बदलाव किया है. भाग कर शादी करने वालों के लिए पंजीकरण नियमों को सख्त किया गया है. हर्ष संघवी ने कहा कि विविध सामाजिक अग्रणीओं से आवेदन मिले, जिसके बाद सरकार ने इस पर अलग अलग बैठक की थी. नियमों में रहकर पद्धति में कैसै बदलाव ला सके इस पर चर्चा की गई थी. हमारी सरकार प्रेम विरोधी नहीं है. लेकिन प्रेम शब्द को बदनाम करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

हर्ष संघवी ने कहा कि भारत की पवित्र भूमि पर शादी एक महत्व पूर्ण संस्कार है, सभी परंपरा का आधार सत्य और प्रेम रहा है. लेकिन जब इसमें छल-कपट शामिल होता है, तब वह समाज के पतन की ओर जाता है. लव जिहाद समाज के लिए घातक है, फर्जी नामों से हमारी बेटियों को फंसाया जाएगा तो हमारी संस्कृति और समाज पर इसकी गंभीर असर होगा. भारत में शादी की परंपरा और संस्कार को बचाने के लिए हमारी सरकार कटिबद्ध है. हमारी सरकार का विचार स्पष्ट और साफ है कि कोई सलीम सुरेश बनकर किसी को ठेस पहुंचाने का काम करेगा तो हमारी सरकार उसका ऐसा हाल करेगी कि वह किसी और बेटी से बात करने के लायक नहीं रहेगा. आने वाले 30 दिनों में लोगों के सुझाव मिलने का बाद नियमों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी.

गुजरात सरकार की प्रस्तावित नई विवाह पंजीकरण प्रणाली-
गुजरात में सरकार ने नए मैरिज रजिस्ट्रेशन सिस्टम में कई बदलाव किए हैं. चलिए बताते हैं कि इसमें क्या-क्या है?

रजिस्ट्रेशन के लिए दो गवाह की जरूरत-
विवाह पंजीकरण आवेदन दोनों पक्षों और दो गवाहों के हस्ताक्षर के साथ जमा किया जाना है. आवेदन को कानूनी रूप से नोटरीकृत किया जाना चाहिए और दोनों दस्तावेजों के साथ जमा किया जाना चाहिए. जैसे कि केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा पार्टी को जारी किया गया पहचान पत्र. आपको ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा.

रजिस्ट्रेशन के लिए पैरेंट्स की सहमति जरूरी-
सरकार द्वारा प्रत्येक विवाह पंजीकरण उस पर अधिकार क्षेत्र रखने वाले सहायक रजिस्ट्रार द्वारा किया जाएगा. यह विवाह पंजीकरण आवेदन पत्र (i) के अनुसार प्रस्तुत किया जाएगा. चलिए आपको बताते हैं कि किन दस्तावेजों की जरूरत होगी.

  • दूल्हा-दुल्हन और गवाहों के आधार कार्ड.
  • दूल्हा और दुल्हन का जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र.
  • शादी का निमंत्रण पत्र या कार्ड.
  • दूल्हा और दुल्हन की अलग-अलग मुद्राओं में दो पासपोर्ट आकार की तस्वीरें.
  • एक शादी की तस्वीर जिसमें दूल्हा और दुल्हन की शादी की रस्म दिखाई गई है.
  • गवाहों की 2 हालिया पासपोर्ट आकार की तस्वीरें.
  • आवेदन के साथ-साथ दूल्हा और दुल्हन ने अपने माता-पिता को भी इस शादी के बारे में सूचित किया है. उसका डिक्लरेशन देना है.

पैरेंट्स के किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए दूल्हा-दुल्हन को माता-पिता से सहमति लेनी होगी. रजिस्ट्रेशन के लिए माता-पिता के कुछ दस्तावेजों की जरूरत होगी. चलिए बताते हैं किन किन दस्तावेजों की जरूरत होगी.

  • माता/पिता का आधार कार्ड.
  • पिता का पूरा नाम.
  • पिता का सामान्य आवासीय पता, पूर्ण विवरण सहित.
  • पिता का मोबाइल नंबर.
  • माता का पूरा नाम.
  • माता का सामान्य आवासीय पता, पूर्ण विवरण सहित.
  • माता का मोबाइल नंबर.

रजिस्ट्रेशन के 10 दिन के भीतर क्या होगा?
सहायक रजिस्ट्रार मैरिज रजिट्रेशन करेगा. इसके बाद 10 दिनों के भीतर माता-पिता को इसकी जानकारी दी जाएगी. दूल्हा और दुल्हन के माता-पिता को यथासंभव सूचित किया जाएगा और वह जानकारी गोपनीय रखी जाएगी. यह काम इलेक्ट्रॉनिक रूप से या भौतिक रूप से किया जाएगा.

30 दिन के भीतर विवाह का होगा रजिस्ट्रेशन-
इस आवेदन की प्राप्ति पर संबंधित जिले या तालुका के सहायक रजिस्ट्रार इसे रजिस्ट्रार को भेजेगा. रजिस्ट्रार के संतुष्ट होने के बाद, उप-नियम (1 से 7) के तहत उपर्युक्त आवश्यकताओं की पूर्ति के 30 दिन बाद विवाह का पंजीकरण किया जाएगा. इसके बाद ये सभी विवरण सरकार द्वारा रजिस्ट्रार के माध्यम से तैयार किए जाएंगे.

इसे ऑनलाइन पोर्टल पर पोस्ट किया जाएगा और इसके लिए सीरियल नंबर, पेज नंबर, वॉल्यूम नंबर आदि की आवश्यकता होगी. ये प्रक्रिया पूरी होने के बाद, रजिस्ट्रार द्वारा विवाह का पंजीकरण किया जाएगा.

पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रपत्र-2 के अनुसार तैयार किया जाएगा और यह प्रमाण पत्र इसे संबंधित पक्षों को व्यक्तिगत रूप से या डाक द्वारा पहुंचाया जाएगा.

अभिभावकों की मांग पर बदलाव- डिप्टी सीएम
उप मुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि इस बदलाव का कारण अभिभावकों द्वारा की गई मांग है. दुल्हन के माता-पिता को उसकी शादी की जानकारी होनी जरूरी है, ताकि अगर वह उनकी जानकारी में ना हो तो वह अपनी बेटी को समझा सके. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह अपनी बेटियों पर दबाव डालें और शादी रोकें. हम किसी भी तरह बेटियों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे, चाहे वह माता-पिता की ओर से हो या फिर फर्जी शादी करने वाले की तरफ से.

30 दिन के भीतर सुझाव देगी जनता-
सरकार के लिए प्रस्तावित पंजीकरण बदलाव पर सामान्य जनता 30 दिनों तक अपने सुझाव दे पाएगी. इसके बाद सरकार की बनाई हुई एक कमेटी इस पर फैसला करेगी और आधिकारिक तौर पर इस नई शादी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की घोषणा की जाएगी. 

सरकार की इस पहल को विपक्ष ने भी सराहा है. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के विधायकों ने सामाजिक बदलाव की जरूरत बताते हुए इस कदम की सराहना की है और कहा है कि समाज के लोग भी आगे आकर अपने सुझाव दें, ताकि किसी भी बेटी के साथ भविष्य में फर्जी शादी के नाम पर अन्याय ना हो. 

(ब्रिजेश दोशी की रिपोर्ट)

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