दिल्ली पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा
दिल्ली पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा
माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार, दिल्ली सरकार ने दिल्ली में प्रवेश करने वाले कमर्शियल वाहनों पर एनवायरनमेंटल कम्पेन्सेशन चार्ज (ECC) बढ़ाने की अधिसूचना जारी की है. यह अधिसूचना कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के प्रस्ताव के आधार पर जारी की गई है, जिसमें ECC की दरों को संशोधित करने की सिफारिश की गई थी, ताकि इसकी रोकथाम क्षमता फिर से मजबूत हो सके और प्रदूषण फैलाने वाले कमर्शियल वाहनों की दिल्ली में एंट्री को कम किया जा सके.
पर्यावरण मंत्री का बयान
माननीय पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, 'यह दिल्ली की प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा कदम है. संशोधित ECC केवल राजस्व बढ़ाने का उपाय नहीं है, बल्कि यह एक मजबूत पर्यावरणीय रोक है, जिसका उद्देश्य खासकर डीजल से चलने वाले प्रदूषण फैलाने वाले कमर्शियल वाहनों की अनावश्यक एंट्री को कम करना है.'
उन्होंने कहा, 'दिल्ली अब अनावश्यक वाहन प्रदूषण का बोझ और नहीं उठा सकती. ECC बढ़ाकर सरकार ने साफ संदेश दिया है कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के दिल्ली में प्रवेश की पर्यावरणीय कीमत अब काफी अधिक होगी.'
नई ECC दरें
नई व्यवस्था के अनुसार, कैटेगरी 2 (हल्के वाणिज्यिक वाहन आदि) और कैटेगरी 3 (2 एक्सल ट्रक) के लिए ECC 1,400 रुपए से बढ़ाकर 2,000 रुपए कर दिया गया है. वहीं, कैटेगरी 4 (3 एक्सल ट्रक) और कैटेगरी 5 (4 एक्सल ट्रक और उससे ऊपर) के लिए ECC 2,600 रुपए से बढ़ाकर 4,000 रुपए कर दिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने CAQM द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर विचार करते हुए इसे उचित, न्यायसंगत और संतुलित माना तथा संशोधित ECC और वार्षिक बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दी. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हर वर्ष 5% की बढ़ोतरी अप्रैल महीने से लागू होगी.
हर साल 5% बढ़ोतरी क्यों जरूरी
वार्षिक बढ़ोतरी के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए सिरसा ने कहा, 'सिर्फ एक बार बढ़ोतरी करना पर्याप्त नहीं है. हर साल 5% की वृद्धि ECC की प्रभावशीलता बनाए रखने, महंगाई के असर को ध्यान में रखने और धीरे-धीरे ट्रांसपोर्टरों को प्रदूषण फैलाने वाले विकल्पों से हटाकर स्वच्छ और गैर-प्रदूषणकारी विकल्पों की ओर ले जाने के लिए जरूरी है.' इस निर्णय की पृष्ठभूमि में यह आकलन था कि वर्ष 2015 में तय किया गया ECC समय के साथ अपनी रोकथाम क्षमता का कुछ हिस्सा खो चुका था.
एक्सप्रेसवे के उपयोग का निर्देश
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि वे कमर्शियल और भारी वाहन, जिन्हें दिल्ली में प्रवेश की आवश्यकता नहीं है, सिवाय आवश्यक वस्तुओं और जरूरी सेवाओं के, उन्हें दिल्ली से बाहर बनाए गए एक्सप्रेसवे का उपयोग करना चाहिए. इससे वे संशोधित ECC के भुगतान से भी बच सकेंगे. यह निर्देश दिल्ली में अनावश्यक वाहनों के दबाव और प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य को और मजबूत करता है.
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में क्लीन एयर स्ट्रेटेजी
श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, 'माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार शहर की हवा को साफ रखने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है. नियम, तकनीक, सख्त निगरानी और व्यावहारिक परिवर्तन, हर स्तर पर कार्रवाई की जा रही है, ताकि दिल्ली स्वच्छ परिवहन और बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ सके.'
उन्होंने आगे कहा, 'इस निर्णय को एक व्यापक क्लीन एयर स्ट्रेटेजी के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए. हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि जो प्रदूषण में अधिक योगदान देंगे, उन्हें अधिक सख्त आर्थिक जिम्मेदारी उठानी पड़े, जबकि स्वच्छ विकल्प अधिक व्यवहारिक और आकर्षक बनें.'
प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली सरकार लगातार वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए कदम उठा रही है, जो शहर की खराब वायु गुणवत्ता के प्रमुख कारणों में से एक है. संशोधित ECC व्यवस्था से प्रदूषण फैलाने वाले कमर्शियल वाहनों की अनावश्यक एंट्री को कम करने और दिल्ली की व्यापक स्वच्छ वायु प्रबंधन रणनीति को मजबूत करने में मदद मिलेगी.
ये भी पढ़ें