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9 वर्षीय मासूम ने ढाई महीने से नहीं खाया खाना, मां ने CM योगी से लगाई गुहार

कानपुर देहात के 9 वर्षीय सत्य प्रकाश ने तीन महीने पहले गलती से तेजाब पी लिया, जिससे उसकी खाने की नली और आंत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. इलाज के लिए परिवार जमीन तक गिरवी रख चुका है. अब ढाई लाख रुपये की जरूरत है और मां सरकारी मदद की गुहार लगा रही है.

9 वर्षीय मासूम ने ढाई महीने से नहीं खाया खाना 9 वर्षीय मासूम ने ढाई महीने से नहीं खाया खाना

कानपुर देहात में एक मां अपने 9 साल के बेटे की जिंदगी बचाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है. करीब तीन महीने पहले मासूम सत्य प्रकाश ने घर में रखी तेजाब की बोतल को पानी समझकर पी लिया था. इस हादसे में उसकी खाने की नली और पेट की आंत बुरी तरह झुलस गई. कई ऑपरेशन के बाद भी उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. पिछले ढाई महीने से वह मुंह से एक निवाला तक नहीं खा पाया है. डॉक्टरों ने इलाज जारी रखने के लिए परिवार को 10 दिन के भीतर करीब ढाई लाख रुपये जमा करने को कहा है, लेकिन गरीब परिवार के सामने पैसों का बड़ा संकट खड़ा है.

जमीन गिरवी रखकर भी नहीं जुटा पाए इलाज का खर्च
अकबरपुर तहसील क्षेत्र के भिखनापुर गांव की रहने वाली वंदना कमल अपने बेटे को बचाने की उम्मीद लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं. परिवार का कहना है कि बेटे के इलाज में अब तक सारी जमा-पूंजी खत्म हो चुकी है. यहां तक कि जमीन भी गिरवी रख दी गई, लेकिन इलाज का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है.

इस समय सत्य प्रकाश का इलाज कानपुर नगर के कुलवंती अस्पताल में चल रहा है. डॉक्टरों ने कई ऑपरेशन किए हैं और उसके पेट में एक नली डाली गई है, जिसके जरिए उसे पानी, जूस और अन्य तरल आहार दिया जा रहा है. पहले उसका वजन 22 किलो था, जो अब घटकर सिर्फ 15 किलो रह गया है.

सरकारी मदद की आस में भटक रहा परिवार
डॉक्टरों ने परिवार को बताया है कि इलाज के अगले चरण के लिए तत्काल ढाई लाख रुपये जमा करने होंगे. परिवार का दावा है कि इसके लिए उन्हें 10 दिन का समय दिया गया है. मजदूरी करने वाले पिता की आमदनी से घर का खर्च चलाना ही मुश्किल है, ऐसे में लाखों रुपये का इलाज कराना उनके लिए संभव नहीं है.

मदद की उम्मीद में वंदना कमल अकबरपुर विधायक एवं राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला से भी मिलीं. मंत्री की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता के लिए संस्तुति पत्र जारी किया गया, लेकिन सरकारी प्रक्रिया पूरी होने में समय लग रहा है. मंगलवार को वह जिलाधिकारी कार्यालय भी पहुंचीं. हालांकि उनकी जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन अधिकारियों ने आवेदन और दस्तावेज लेकर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया.

मुख्यमंत्री से लगाई मदद की गुहार
9 वर्षीय सत्य प्रकाश आज भी बाकी बच्चों की तरह सामान्य खाना खाना चाहता है. उसे चॉकलेट बहुत पसंद है, लेकिन डॉक्टरों ने फिलहाल मुंह से कुछ भी खाने पर रोक लगा रखी है. मासूम ने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की अपील करते हुए कहा कि उसके माता-पिता गरीब हैं और इलाज का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं.

राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि वह प्रयास करेंगी कि मुख्यमंत्री राहत कोष से जल्द आर्थिक सहायता मिले. साथ ही जिलाधिकारी से भी प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराने के लिए बात करेंगी, ताकि बच्चे का इलाज समय पर शुरू रह सके. अब परिवार की उम्मीद सरकारी मदद पर टिकी है, क्योंकि यहां सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि एक 9 साल के बच्चे की जिंदगी दांव पर लगी है.
 

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