'मेरा साथी' ऐप बनाने वाले कार्तिक आर्यन
'मेरा साथी' ऐप बनाने वाले कार्तिक आर्यन
जिंदगी में परेशानी कभी बताकर नहीं आती. सफर के बीच अचानक गाड़ी खराब हो जाए, टायर पंचर हो जाए, बैटरी डाउन हो जाए या किसी अनजान जगह पर वाहन बंद पड़ जाए तो सबसे पहले यही सवाल आता है कि आसपास मदद कहां से मिलेगी. इसी तरह घर में अचानक बिजली, पानी, एसी, फ्रिज या आरओ की समस्या खड़ी हो जाए तो सही कारीगर का नंबर तलाशना भी किसी चुनौती से कम नहीं होता.
कोटा के आर्यन सिंह और उनकी टीम ने एक ऐसा डिजिटल मंच तैयार किया है, जिसका मकसद जरूरतमंद व्यक्ति को उसके आसपास मौजूद पंजीकृत सेवा प्रदाता से जोड़ना है. यानी किसी व्यक्ति को अचानक किसी सेवा की जरूरत पड़ती है तो वह 'मेरा साथी' के माध्यम से अपने आसपास उपलब्ध संबंधित सेवा प्रदाता की जानकारी हासिल कर उससे संपर्क कर सकता है.
'मेरा साथी' की खासियत सिर्फ यह नहीं है कि जरूरत पड़ने पर सेवा प्रदाता की जानकारी मिल सके. इसके पीछे एक बड़ा मकसद स्थानीय हुनर और काम की जरूरत के बीच की दूरी को कम करना भी है.
कई लोगों के पास किसी काम का अच्छा हुनर होता है, लेकिन उन्हें नियमित ग्राहक नहीं मिल पाते. दूसरी तरफ किसी व्यक्ति को उसी काम के लिए भरोसेमंद कारीगर या सेवा प्रदाता की जरूरत होती है, लेकिन उसे सही व्यक्ति का पता नहीं होता. 'मेरा साथी' इन दोनों जरूरतों को एक ही डिजिटल मंच पर जोड़ने की कोशिश कर रहा है.
ऐप में सेवा प्रदाता की जानकारी, संपर्क विवरण, स्थान और प्रस्तावित शुल्क जैसी जानकारियां उपयोगकर्ता के सामने उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है. इसका मकसद यह है कि सेवा लेने से पहले उपयोगकर्ता को संबंधित सेवा प्रदाता के बारे में जरूरी जानकारी मिल सके.
सेवा पूरी होने के बाद फीडबैक और रेटिंग जैसी सुविधाएं भी रखी गई हैं, जो सेवा प्रदाताओं की पहचान और उनके काम के अनुभव को सामने लाने में मदद कर सकती हैं.
'मेरा साथी' के संस्थापक एवं निर्माता आर्यन सिंह हैं. उन्होंने अपनी टीम के मोहम्मद मोहिउद्दीन हसन रजा, ओम प्रकाश सोनी (संरक्षक) और जितेंद्र वर्मा के साथ मिलकर इस डिजिटल मंच को विकसित किया है. परियोजना से अम्तराज सोनी और जितेंद्र वर्मा भी जुड़े हैं. 'मेरा साथी' वेल्ट्रिओनेक्स स्मार्ट क्रिएशन्स प्राइवेट लिमिटेड की पहल है और इसे एसआर नेक्सट्रोनिक्स के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है.
आर्यन सिंह की नवाचार यात्रा भी इस पहल से जुड़ी रही है. अटल इनोवेशन मिशन और अटल टिंकरिंग लैब से जुड़ी उनकी तकनीकी यात्रा आगे चलकर स्टार्टअप गतिविधियों तक पहुंची. अब इसी नवाचार सोच को आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों और स्थानीय सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
फिलहाल 'मेरा साथी' को मोबाइल एप्लिकेशन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है. इसका लक्ष्य कोटा से शुरुआत करते हुए इसे राजस्थान और आगे देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाना है, ताकि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सेवा प्रदाताओं का एक बड़ा डिजिटल नेटवर्क तैयार किया जा सके.