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Noida Rain Alert: नोएडा में आफत की बारिश! 3 KM के लिए ऑटो वाले मांग रहे 250 रुपए, कैब का किराया सुनकर पैरों तले जमीन खिसक जाएगी

नोएडा में कल से हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत तो दे दी है, लेकिन एक नई समस्या खड़ी कर दी है. जलभराव की जिससे यातायात पर असर पड़ रहा है, लोगों को 3 से 5 km के लिए 250 से 300 रुपए का भुगतान करना पड़ रहा है.

नोएडा के कई इलाकों में भरा है पानी नोएडा के कई इलाकों में भरा है पानी

नोएडा में लगातार हो रही बारिश अब लोगों की जेब पर भी भारी पड़ने लगी है. शहर के कई इलाकों में जलभराव के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है. सड़कों पर पानी भरने से न सिर्फ ट्रैफिक की रफ्तार थम गई है, बल्कि लोगों के लिए सवारी मिलना भी मुश्किल हो गया है. ऐसे हालात में ऐप बेस्ड कैब और स्थानीय वाहनों के किराए कई गुना तक बढ़ गए हैं. ऑफिस जाने वाले लोग मजबूरी में मनमाना किराया चुकाने को विवश हैं.

नोएडा में मानसून सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने नोएडा के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है. विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है. शहर के कई हिस्सों में पानी भरने से सड़कें प्रभावित हैं, जिसका सीधा असर परिवहन व्यवस्था पर पड़ा है.

3 किलोमीटर का सफर बना महंगा सौदा
बारिश के कारण सबसे ज्यादा असर छोटे सफर पर देखने को मिल रहा है. सेक्टर-25 से फिल्म सिटी तक करीब 5 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए लोगों से सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना ज्यादा किराया वसूला जा रहा है. उबर और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म पर ई-रिक्शा का किराया 150 से 198 रुपए तक पहुंच गया है. वहीं ऑटो चालक इसी दूरी के लिए 250 रुपए तक मांग रहे हैं. अगर कोई कैब बुक करता है तो उसका किराया 500 रुपए तक दिखाई दे रहा है. बाइक वाले तो राइड ही नहीं उठा रहे. 

बारिश के बीच सबसे ज्यादा परेशानी रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले लोगों को हो रही है. सार्वजनिक परिवहन आसानी से नहीं मिल रहा और जो सवारी उपलब्ध है, उसका किराया जेब पर भारी पड़ रहा है. समय पर दफ्तर पहुंचने की मजबूरी के चलते लोग बढ़ा हुआ किराया देने को भी तैयार हैं.

वाहन चालकों की भी अपनी मजबूरी
कई ई-रिक्शा और बाइक चालक जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बच रहे हैं. उनका कहना है कि सड़क पर भरे पानी में वाहन चलाने से इंजन खराब होने का खतरा रहता है. साथ ही ऑटो पलट सकता है. खासकर ई-रिक्शा और दोपहिया वाहनों में पानी घुसने से बड़ी खराबी आ सकती है. इसी जोखिम को देखते हुए कई चालक सीमित रूट पर ही चल रहे हैं या फिर अधिक किराया मांग रहे हैं.

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