सौरभ हत्याकांड का खौफनाक घर खुला
सौरभ हत्याकांड का खौफनाक घर खुला
मेरठ के देशभर में चर्चित सौरभ हत्याकांड के करीब 18 महीने बाद बुधवार शाम वारदात वाले मकान का ताला खोल दिया गया. ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र स्थित इस मकान में ही सौरभ की हत्या कर शव को नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से सील किया गया था. बुधवार, 28 अक्टूबर को शाम करीब पांच बजे ब्रह्मपुरी थाना पुलिस की मौजूदगी में मकान के दोनों ताले तोड़े गए. इस दौरान सौरभ की मां रेणू देवी, बड़ा भाई राहुल उर्फ बबलू और मकान मालिक ओमपाल सिंह मौजूद रहे. पुलिस ने मकान के अंदर रखे सौरभ के सामान की सूची तैयार करने के बाद उसे उसके भाई को सौंप दिया.
मकान खुलते ही फैलने लगी तेज दुर्गंध
मकान का ताला खुलते ही अंदर से तेज दुर्गंध आने लगी. लंबे समय से बंद पड़े घर में अंधेरा था. मृतक की मां और भाई उस कमरे में पहुंचे, जहां सौरभ की हत्या की गई थी. वहां का दृश्य देखकर दोनों भावुक हो गए और रोने लगे. पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उन्हें संभाला.
घर में बिखरा मिला सामान, चूहों ने कपड़े और गद्दे कुतरे
मकान के अंदर सामान बुरी तरह बिखरा हुआ था. जिस बेड पर सौरभ की हत्या के बाद शव को ड्रम में रखा गया था, उसके बॉक्स से भी सड़न की दुर्गंध आ रही थी. फर्श पर सीमेंट के अवशेष मिले. घर में लंबे समय तक ताला लगा रहने के कारण चूहों ने कपड़े, गद्दे और अन्य सामान कुतरकर खराब कर दिया था. कमरों में कपड़े, जूते और घरेलू सामान बिखरा पड़ा था. बाथरूम में सौरभ की बनियान टंगी मिली, जबकि कमरे में उसकी बेटी पीहू की किताबें और खिलौने पड़े थे. चूहों ने इन्हें भी नुकसान पहुंचाया था. घर में मुस्कान के मेकअप का सामान, जूते और अन्य घरेलू वस्तुएं भी मिलीं. दीवारों पर बच्चे के हाथ से बनाए गए स्केच नजर आए.
सूची तैयार कर राहुल को सौंपा गया सामान
पुलिस ने मकान के अंदर रखे सामान की सूची तैयार कर उसकी फर्द बनाई और उसे रिकॉर्ड में दर्ज किया. इसके बाद सौरभ के बड़े भाई राहुल को उसके कपड़े, लकड़ी का सामान, फर्नीचर, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक सामान सौंप दिया गया. परिवार के लोग मुस्कान और पीहू के कपड़े व खिलौने अपने साथ नहीं ले गए. कुछ सामान कमरों में ही पड़ा रहा.
किराया नहीं मिलने से मकान मालिक को हो रहा था नुकसान
बताया गया कि मकान 18 मार्च 2025 से बंद था. वारदात के बाद पुलिस ने मकान को बंद करा दिया था. लंबे समय तक मकान बंद रहने और किराया नहीं मिलने से मकान मालिक ओमपाल सिंह को आर्थिक नुकसान हो रहा था. उन्होंने हाल ही में पुलिस से मकान खुलवाने की गुहार लगाई थी. बिजली का बिल भरने में परेशानी के चलते मकान की बिजली भी काट दी गई थी. मकान खुलने के बाद किसी तरह बिजली का कनेक्शन जोड़कर सामान बाहर निकाला गया. मकान खुलने और सामान सौंपने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मकान मालिक ओमपाल सिंह अपनी पत्नी के साथ देर रात गांव चले गए. उन्होंने मकान पर अपना ताला लगा दिया.
मार्च 2025 में सामने आया था सौरभ हत्याकांड
सौरभ हत्याकांड ने मार्च 2025 में पूरे देश का ध्यान खींचा था. सौरभ की पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर उसकी हत्या की और शव को टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में भर दिया. इसके बाद ड्रम को सीमेंट से सील कर दिया गया था. पुलिस ने मामले की जांच के बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया.
अदालत ने दोनों दोषियों को सुनाई मृत्युदंड की सजा
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाह पेश किए. निचली अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए 14 अक्टूबर 2026 को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी. दोनों ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील भी की है. करीब 18 महीने तक बंद रहे वारदात वाले मकान को खोलकर सौरभ का सामान परिजनों को सौंपे जाने के साथ ही मामले से जुड़ी एक और प्रक्रिया पूरी हुई.
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