
IMD Weather Update
IMD Weather Update
अगर पिछले कुछ दिनों से आपको लग रहा है कि बारिश का मिजाज अचानक बदल गया है, तो इसकी वजह आसमान में बन रहे दो बड़े मौसम सिस्टम हैं. एक तरफ बंगाल की खाड़ी से उठा गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) देश के अंदर तेजी से बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर तिब्बती पठार के ऊपर बना विशाल मानसूनी सर्कुलेशन सक्रिय हो गया है. इन दोनों सिस्टम के असर से पूरे देश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत से लौट आया है. मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में तेज बारिश, गरज-चमक, जलभराव और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है.
दो बड़े मौसम सिस्टम ने बढ़ाई मानसून की ताकत
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर सिस्टम अब गहरे दबाव में बदल चुका है. यह पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा के तट को पार कर उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके साथ बड़ी मात्रा में नमी देश के अंदर पहुंच रही है.
वहीं, तिब्बती पठार के ऊपर बना विशाल मानसूनी सर्कुलेशन ऊपरी वायुमंडल में मानसूनी हवाओं को और मजबूत कर रहा है. जब ये दोनों सिस्टम एक साथ सक्रिय होते हैं, तो वातावरण में अस्थिरता बढ़ जाती है और तेज बादल बनने लगते हैं. यही वजह है कि देश के बड़े हिस्से में बारिश का दायरा तेजी से फैल रहा है.
इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
IMD के अनुसार मंगलवार और उसके बाद के दिनों में कई राज्यों जैसे ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. इन राज्यों में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है.

दक्षिण और पश्चिम भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
मानसून का असर सिर्फ उत्तर और पूर्व भारत तक सीमित नहीं रहेगा. महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में भी तेज बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है. वहीं पश्चिमी तट के इलाकों में भी लगातार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है.
क्यों हो रही है इतनी तेज बारिश?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव समुद्र से लगातार गर्म और नम हवाएं खींचकर देश के अंदर ला रहा है. दूसरी तरफ तिब्बती पठार का सर्कुलेशन ऊपरी स्तर की मानसूनी हवाओं को मजबूत बना रहा है. इन दोनों सिस्टम के एक साथ सक्रिय होने से बादल तेजी से विकसित हो रहे हैं और देश के कई हिस्सों में लगातार गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है. यही वजह है कि इस सप्ताह मानसून का सबसे सक्रिय दौर देखने को मिल सकता है.
इन इलाकों में बढ़ सकता है खतरा
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है. खासकर हिमालयी राज्यों और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
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