Police Digital Control Room
Police Digital Control Room
मेरठ में कावड़ यात्रा को इस बार हाईटेक बनाने के लिए हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया गया है. जिसमें एक साथ ढाई सौ कमरे से लाइव फीड को देखा जा सकता है. कावड़ यात्रा मार्ग को हाई डेफिनेशन कैमरों से लैस कर इस कंट्रोल रूम को तैयार किया गया है. इसकी मदद से कावड़ मार्ग पर होने वाली हर हाल-चल पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी. मेरठ पुलिस का कहना है कि लगभग 1500 कमरे अब तक लगाए जा चुके हैं और एक साथ कंट्रोल रूम पर ढाई सौ कमरे की फीड को लाइव देखा जा सकता है
पश्चिम उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा कावड़ यात्रा के लिए हर वर्ष सीसीटीवी कैमरों वाला कंट्रोल रूम तैयार किया जाता है. इसमें हर कावड़ रूट पर लगे कैमरे को मैन्युअल जोड़कर निगरानी रखी जाती है, लेकिन इस बार व्यवस्था कुछ अलग और हाईटेक की गई है.
पुलिस लाइन में इस कंट्रोल रूम को अलग से डिजिटल कंट्रोल रूम के रूप में तैयार किया गया है. पूरी व्यवस्था इतनी डिजिटल है की पूरे मार्ग के किसी भी कैमरे से पूरे रूट को देखा जा सकता है. इसमें सबसे खास बात यह है कि आईपी एड्रेस की मदद से कहीं से भी किसी भी कैमरे की फीड को देखा जा सकता है, साथ ही उसे कंट्रोल किया जा सकता है.
कंट्रोल रूम प्रभारी इंस्पेक्टर नजीर अली बताते हैं कि यहां पर सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है. जहां तमाम सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है. यही से ही कोई आपत्तिजनक पोस्ट पर हटाने और ब्लॉक करने की कार्रवाई तक की जा सकती है .
इस कंट्रोल रूम में तमाम विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे जिसमें लोग निर्माण विभाग, नगर निगम, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, फूड सेफ्टी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, पंचायती राज विभाग, ट्रैफिक विभाग और दमकल विभाग शामिल है.
एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय ने बताया कि बारह फीट से ऊंचे डीजे पर पूरी तरह रोक रहेगी. भड़काऊ और किसी की भावना आहत करने वाले गाने बजाने पर सख्त कार्रवाई होगी. कांवड़ मार्ग पर 1500 सीसीटीवी और 400 एआई कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी. संवेदनशील इलाकों में ड्रोन उड़ाकर नजर रखी जाएगी. घाटों और पुलों पर बैरिकेडिंग, गोताखोर तैनात रहेंगे, जबकि ढाबों और भोजन की दुकानों पर नाम पट्टिका और क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य किया गया है.