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नेपाल-चीन सीमा इलाके में हुई थी आखिरी बार बात, अब नहीं हो पा रहा बुजुर्ग कपल से संपर्क

नेपाल आपदा में सैकड़ों भारतीय लापता हैं. ऐसा ही एक कपल पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर का है, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए हैं. लेकिन बाढ़ के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. जब कपल से आखिरी बात फैमिली की बात हुई थी तो वो नेपाल-चीन बॉर्डर के पास थे.

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Durgapur couple Durgapur couple

नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद दुर्गापुर के अंबुजा टाउनशिप निवासी एक दंपति से संपर्क टूट गया है. जब आखिरी बार फैमिली से बात हुई थी तो ये कपल चीन-नेपाल सीमा इलाके में थे. ये कपल कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे. 62 साल के देवाशीष बनर्जी और उनकी 59 साल की पत्नी संघमित्रा बनर्जी कैलाश-मानसरोवर यात्रा के लिए 21 अगस्त को दुर्गापुर से रवाना हुए थे. 

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर है कपल-
यात्रा का आयोजन कोलकाता की टूर ऑपरेटर संस्था ‘चलो जाई’ की ओर से किया गया था. लेकिन नेपाल में बाढ़ के बाद से कपल से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है.

परिवार और पड़ोसियों के मुताबिक, आपदा की खबर सामने आने के बाद से दंपति से फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है. यात्रा से जुड़ी अंतिम जानकारी के अनुसार, वे नेपाल-चीन सीमा के उस इलाके में थे, जहां से मानसरोवर यात्रा आगे बढ़ती है. इसी क्षेत्र में अचानक आपदा आने की सूचना मिली थी.

रिटायर्ड होने के बाद मानसरोवर यात्रा के लिए गए हैं कपल-
देवाशीष बनर्जी दुर्गापुर स्टील प्लांट अस्पताल में कार्यरत रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी संघमित्रा बनर्जी शिक्षिका रही हैं. सेवानिवृत्ति के बाद दोनों कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर निकले थे.

बताया गया है कि इसी टूर ऑपरेटर के साथ दुर्गापुर से दो अन्य परिवार भी यात्रा पर गए थे. दंपति की कोई ताजा जानकारी नहीं मिलने से परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोसियों की चिंता बढ़ गई है.

स्थानीय पुलिस ने ली जानकारी-
पड़ोसी बिप्रदास ठाकुर के अनुसार, पुलिस ने भी मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है. बुधवार रात पुलिस अधिकारी उनके घर पहुंचे थे. आसनसोल पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारी भी लगातार फोन के जरिए जानकारी ले रहे हैं. पुलिस की ओर से परिवार को संपर्क के लिए दो हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें सालानपुर में रहने वाले उनके एक रिश्तेदार तक पहुंचाया गया है.

फिलहाल परिवार को दंपति की सुरक्षित वापसी की उम्मीद है. परिजन और पड़ोसी लगातार उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं और नेपाल में फंसे यात्रियों की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं.

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