Punjab National Bank
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ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला सामने आने के बाद खाताधारकों की परेशानी बढ़ गई है. बैंक अधिकारी मामले के हर पहलू की जांच कर रहे हैं. वहीं, बैंक प्रबंधन ने मैनेजर समेत पांच लोगों को सस्पेंड कर दिया है. इस मामले में कई खाताधारकों की जमा पूंजी फंसने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं. कुछ लोगों की आपबीती ऐसी है, जिसे सुनकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस घटना ने उनके परिवारों को कितने बड़े सदमे में ढकेल दिया है.
दिव्यांग बेटी के इलाज के लिए पैसे निकालने पहुंचे संजय
पीड़ित खाताधारकों में संजय भी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी दिव्यांग है और उसके इलाज के लिए उन्हें पैसों की जरूरत थी. घर में पैसे नहीं होने के कारण डॉक्टर ने उनसे इलाज के लिए रकम मांगी थी. ऐसे में संजय अपनी 10 लाख रुपये की एफडी तुड़वाने के लिए बैंक पहुंचे थे, लेकिन वहां उन्हें घोटाले की जानकारी मिली. संजय अपनी बेटी के इलाज को लेकर काफी परेशान हैं. उनके सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वह इलाज के लिए पैसों का इंतजाम कहां से करेंगे. वह सिलाई का काम करके अपने परिवार का गुजारा करते हैं. ऐसे में उनकी जमा पूंजी का फंसना परिवार के लिए बड़ी मुश्किल बन गया है.
जमीन के मुआवजे की रकम भी फंसी
इस मामले में बृजेश की कहानी भी सामने आई है, जो जलेबी और समोसे की दुकान लगाकर अपने परिवार का खर्च चलाते हैं. उन्होंने बताया कि वह अपनी मां के साथ दुकान चलाते हैं. काफी समय पहले उन्होंने एक खेत खरीदा था, जो जेवर एयरपोर्ट की जमीन में चला गया था. इसके बदले उन्हें करीब 1 करोड़ 29 लाख रुपये मिले थे. हालांकि, इसमें से उन्होंने कुछ पैसे निकाल भी लिए थे.
बृजेश ने बताया कि 27 तारीख को वह किसी काम के लिए बैंक से पैसे निकालने पहुंचे थे. इसी दौरान उन्हें घोटाले की जानकारी मिली. उनके मुताबिक, जिस दिन यह मामला सामने आया, उसी दिन उनकी बेटी का जन्मदिन भी था. बेटी ने अपने पिता से केक लाने और जन्मदिन मनाने की इच्छा जताई थी, लेकिन घोटाले की जानकारी मिलने के बाद उसने खुद ही जन्मदिन मनाने से मना कर दिया.
दुकान की कमाई से चलता है परिवार
बृजेश के परिवार में तीन बेटियां और दो बेटे हैं. जमीन के मुआवजे की रकम उनकी मां के खाते में आई थी. परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें जलेबी और समोसे की दुकान से होने वाली कमाई से पूरी होती हैं. ऐसे में बैंक में जमा रकम को लेकर पैदा हुई परेशानी ने उनके परिवार की चिंता बढ़ा दी है. फिलहाल बैंक अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं. वहीं, खाताधारक अपनी जमा पूंजी को लेकर चिंतित हैं और उन्हें राहत मिलने का इंतजार है.
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