एक अफ्रीकी युवती ने फेसबुक पर राजकोट जिले के एक किसान से दोस्ती की और उससे 6.31 लाख रुपए की ठगी कर ली. किसान की शिकायत के बाद राजकोट साइबर क्राइम ने जांच शुरू की और दिल्ली व ग्रेटर नोएडा में बैठकर साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया. पुलिस ने एक युवती और दो युवकों को गिरफ्तार किया है. युवती मूल रूप से घाना की रहने वाली है, जबकि दोनों युवक तंजानिया और दक्षिण सूडान के निवासी हैं.
खुद को विधवा और एक बच्चे की मां बताकर जीता भरोसा
पुलिस के अनुसार, आरोपी युवती ने खुद को एक बेटे की मां और विधवा बताया. राजकोट के जसदन निवासी किसान ने 'Mary M Samuelf' नाम के फेसबुक अकाउंट से आई फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार की थी. अगले ही दिन युवती ने किसान को फोन किया और बातचीत शुरू की. इसके बाद उसने किसान और उसके परिवार के लिए गिफ्ट भेजने की इच्छा जताई.
व्हाट्सएप पर हुई बातचीत, जर्मनी से गिफ्ट भेजने का दावा
बाद में किसान और जोसेफिन उर्फ एंजेल के बीच व्हाट्सएप पर बातचीत होने लगी. युवती ने दावा किया कि उसने जर्मनी से गिफ्ट पार्सल भेजा है. कुछ समय बाद खुद को दिल्ली एयरपोर्ट की कस्टम अधिकारी बताने वाली एक महिला ने किसान को फोन किया और पार्सल छुड़ाने के लिए पहले कस्टम ड्यूटी जमा कराने को कहा.
गिफ्ट के नाम पर किश्तों में ऐंठ लिए 6.31 लाख रुपए
आरोपियों ने किसान को बताया कि पार्सल में 30 हजार यूरो, सोने की चेन, लैपटॉप, घड़ी और आईफोन हैं. इसके बाद करेंसी कन्वर्जन, क्लीयरेंस और कस्टम ड्यूटी जैसे अलग-अलग चार्ज के नाम पर किसान से किश्तों में पैसे जमा करवाए गए. इस तरह किसान ने अपने दोनों बैंक खातों से कुल 6.31 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए. हालांकि, उसे कोई पार्सल नहीं मिला. जब आरोपियों ने और पैसे मांगने शुरू किए, तब किसान को ठगी का शक हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
डिजिटल सबूतों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप चैट, बैंक ट्रांजैक्शन, आईपी लॉग और अन्य डिजिटल सबूतों का तकनीकी विश्लेषण किया. जांच में पता चला कि आरोपी उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में रहकर साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहे थे. इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जोसेफिन उर्फ एंजेल (घाना), म्गेंजेली इमानी डेनिस (तंजानिया) और फिलिप बतिस्ता जोसेफ वेलेंटाइन (दक्षिण सूडान) के रूप में हुई है. पुलिस जांच में सामने आया कि इस ठगी में 15 बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था. इसके बाद सभी खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
हिंदी में बात करने के लिए AI का लिया सहारा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी युवती हिंदी में बातचीत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करती थी, ताकि सामने वाले को उस पर शक न हो और वह आसानी से उसका विश्वास जीत सके. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि तीन आरोपियों में से दो भारत में स्टूडेंट वीजा पर आए थे, जबकि एक शॉर्ट-टर्म वीजा पर भारत पहुंचा था. तीनों के वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी है.
पुलिस ने बताई ठगी की नई चाल
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि कुछ अफ्रीकी नागरिक भारत आने के बाद अपराध में शामिल हो जाते हैं. पुलिस के मुताबिक, कोर्ट में केस लंबित रहने के कारण वे अपने देश वापस नहीं जा पाते और इसी दौरान अपराध करके भारत में रहने का यह उनका नया मॉडस ऑपरेंडी बन गया है.
ये भी पढ़ें