Father and Sons Beaten Inside Depot
Father and Sons Beaten Inside Depot
सहारनपुर में रोडवेज कर्मचारियों की दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. थाना फतेहपुर क्षेत्र के छुटमलपुर रोडवेज डिपो में बस की मामूली साइड लगने का विरोध करना एक कार सवार परिवार को भारी पड़ गया. आरोप है कि रोडवेज कर्मचारियों ने बाप और उसके दो बेटों को सरेआम घसीटते हुए डिपो के भीतर ले जाकर गेट बंद कर दिया और फिर लाठी, घूंसे और लातों से बेरहमी से पिटाई की.
बस की हल्की टक्कर से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, छुटमलपुर निवासी सोनू सैनी अपने बेटों हर्ष सैनी और मुकुल सैनी के साथ पंजाबी मार्केट में खरीदारी के लिए आए थे. शनिदेव मंदिर के पास खड़ी उनकी कार में रोडवेज बस की हल्की टक्कर लग गई. सोनू सैनी ने जब इसका विरोध किया, तो विवाद बढ़ता चला गया. प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि बस चालक, परिचालक समेत अन्य रोडवेज कर्मचारियों ने तीनों को जबरन डिपो के अंदर खींच लिया. इसके बाद गेट बंद कर दिया गया और तीनों के जबरन मारपीट की गई.
शोर सुनकर पहुंचे लोग, किसी तरह खुला गेट
मारपीट के दौरान जब शोर बाहर तक पहुंचा, तो बाजार से लोग मौके पर पहुंचे. लोगों के दबाव के बाद गेट खोला गया और किसी तरह पीड़ितों को बाहर निकाला गया. इसके बाद घायल अवस्था में सोनू सैनी और उनके दोनों बेटों को सीएचसी फतेहपुर में भर्ती कराया गया.
व्यापारियों में आक्रोश, लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद व्यापारियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. व्यापारी नेताओं ने पुलिस को बताया कि रोडवेज कर्मचारी आए दिन अतिक्रमण और मारपीट करते हैं और आम लोगों को डराते हैं. उनका कहना है कि पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
पुलिस का बयान, दर्ज हुआ मुकदमा
सीओ बेहट एस.एन. वैभव पांडे ने बताया कि 9 जनवरी 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे हुई इस घटना में रोडवेज कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही गई है. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा. पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं जनता पूरे मामले पर प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रही है.
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