scorecardresearch

कभी था शौचालय, अब यहां हर महीने होता है हजारों का इलाज

क्लिनिक शुरू होने से पहले यहां बंद शौचालय होने की वजह से गंदगी का ढेर लगा रहता था. अब इस क्लिनिक में इलाज करवाने वाले मरीज़ हों या फिर यहां ड्यूटी में तैनात डॉक्टर हों, सब व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं. सुलभ शौचालय में बना यह क्लीनिक सुबह 9 बजे खुलता है और शाम 4 बजे बंद होता है. लोग यहां छोटी बीमारियों के लिए परामर्श लेने आते हैं.

Advertisement
Clinic in Roshanpura Clinic in Roshanpura
हाइलाइट्स
  • हर दिन करीब 40-50 लोगों को मिल रहा लाभ 

  • ईएनटी, ओपीडी, स्क्रीनिंग की निशुल्क सुविधा 

हमने देखा है कि कभी-कभी बेकार चीजें कुछ फेरबदल करने के बाद पहले से भी ज्यादा अच्छी और उपयोगी हो जाती हैं. यूं तो आमतौर पर ये प्लेट, ग्लास, कैन जैसी छोटी वस्तुओं के लिए किया जाता है लेकिन भोपाल में यह प्रयोग एक शौचालय के साथ किया गया है. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नया प्रयोग करते हुए सुलभ शौचालय के अंदर क्लिनिक खोला गया है जिससे झुग्गियों में रहने वालों को फायदा मिल रहा है. 

हर दिन करीब 40-50 लोगों को मिल रहा लाभ 

दरअसल, रोशनपुरा झुग्गियों के सुलभ शौचालय में इस क्लिनिक को शुरू तो साल 2020 में किया गया था. लेकिन शुरुआत में लोग यहां आने से हिचकते थे. हालांकि धीरे-धीरे लोगों को इसकी अहमियत समझ में आने लगी क्योंकि क्लिनिक के नहीं होने पर उन्हें छोटी बीमारियों के लिए भी उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता था. अब हर रोज़ करीब 40-50 लोग इस क्लिनिक में पहुंचकर स्वास्थ लाभ ले रहे हैं. 

ईएनटी, ओपीडी, स्क्रीनिंग की निशुल्क सुविधा 

क्लिनिक शुरू होने से पहले यहां बंद शौचालय होने की वजह से गंदगी का ढेर लगा रहता था. अब इस क्लिनिक में इलाज करवाने वाले मरीज़ हों या फिर यहां ड्यूटी में तैनात डॉक्टर हों, सब व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं. सुलभ शौचालय में बना यह क्लीनिक सुबह 9 बजे खुलता है और शाम 4 बजे बंद होता है. लोग यहां छोटी बीमारियों के लिए परामर्श लेने आते हैं. यहां ईएनटी, ओपीडी, स्क्रीनिंग, मातृ और शिशु स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य के अलावा कई प्रकार की जांच बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाती है.

रवीश पाल सिंह की रिपोर्ट