Twisha Sharma Death Case
Twisha Sharma Death Case
ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच तेज हो गई है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पूर्व जज गिरिबाला सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए. एजेंसी ने अदालत से कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गिरिबाला सिंह से हिरासत में पूछताछ जरूरी है.
CBI के मुताबिक, ट्विशा शर्मा के चरित्र को बदनाम करने की कोशिश की गई और मामले से जुड़े कई अहम तथ्यों को छिपाया गया. एजेंसी ने दहेज प्रताड़ना, जबरन गर्भपात और सबूतों से छेड़छाड़ जैसे आरोप भी अदालत के सामने रखे.
शरीर पर चोट के निशानों को लेकर उठे सवाल
CBI ने हाईकोर्ट को बताया कि ट्विशा शर्मा के शरीर पर कलाई और कोहनी के पास चोट के निशान मिले थे. एजेंसी के अनुसार, ससुराल पक्ष इन चोटों को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया. जांच एजेंसी ने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि ये चोटें शव को फंदे से उतारने के दौरान नहीं आई थीं.
WhatsApp चैट से सामने आए नए दावे
CBI ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान मिले WhatsApp चैट्स में गिरिबाला सिंह और ट्विशा के पति समर्थ सिंह द्वारा उनके चरित्र पर शक जताने की बात सामने आई है. एजेंसी का दावा है कि ट्विशा के गर्भवती होने के बाद उस बच्चे को किसी अन्य व्यक्ति का बताकर उन पर दबाव बनाया गया. CBI ने आरोप लगाया कि इसके बाद ट्विशा को जबरन गर्भपात के लिए मजबूर किया गया.
दहेज मांगने के भी आरोप
CBI ने गवाहों के बयानों का हवाला देते हुए अदालत में कहा कि शादी के बाद कई बार दहेज की मांग की गई. आरोप है कि ससुराल पक्ष को शादी में दिया गया दहेज उनके स्टैंडर्ड के मुताबिक नहीं लगा था. एजेंसी ने इसे मानसिक प्रताड़ना का हिस्सा बताते हुए मामले की गंभीरता पर जोर दिया.
सोशल मीडिया पर वीडियो लीक करने का आरोप
जांच एजेंसी ने गिरिबाला सिंह पर सबूतों से छेड़छाड़ करने का आरोप भी लगाया. CBI के मुताबिक, उन्होंने एक वीडियो का चुनिंदा हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल किया ताकि मामले को लेकर लोगों की राय प्रभावित की जा सके. एजेंसी ने अदालत से कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है.
हाईकोर्ट ने रद्द की अग्रिम जमानत
सुनवाई के बाद मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द कर दी. अवकाशकालीन न्यायाधीश देवनारायण मिश्रा ने भोपाल की 10वीं अतिरिक्त सत्र अदालत के 15 मई के आदेश को निरस्त कर दिया. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पूर्व में दी गई अग्रिम जमानत अब प्रभावी नहीं रहेगी.
ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि आखिरकार मामले में न्याय हुआ है. उन्होंने कहा कि गिरिबाला सिंह को जांच एजेंसी के सामने आत्मसमर्पण कर सहयोग करना चाहिए.
समर्थ सिंह को CBI हिरासत में भेजा गया
इसी मामले में बुधवार को भोपाल की एक अदालत ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह को CBI हिरासत में भेज दिया. बाद में जांच टीम उन्हें लेकर कटारा हिल्स स्थित गिरिबाला सिंह के घर भी पहुंची.
CBI ने सोमवार को इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी. ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं. बाद में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज FIR को CBI ने दोबारा दर्ज करते हुए समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया.
-रवीश पाल सिंह की रिपोर्ट
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