एम्बुलेंस से निकली शव यात्रा
एम्बुलेंस से निकली शव यात्रा
सदर कोतवाली क्षेत्र के पूरन नगर में एक भावुक करने वाली घटना सामने आई है, जहां छोटे भाई ने बड़े भाई की आखिरी इच्छा को ऐसा रूप दिया कि देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं. पूरन नगर निवासी कमलेश कुमार राजमिस्त्री थे और लीवर की बीमारी से लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे. बीमारी बढ़ने पर उनके छोटे भाई विमलेश, जो प्राइवेट एम्बुलेंस चलाते हैं, उन्हें कई बार अपनी ही एम्बुलेंस से अस्पताल लेकर जाते थे. इलाज में परिवार ने संभव हर कोशिश की, पर हालत बिगड़ती ही चली गई.
अंतिम इच्छा, सायरन बजाती एम्बुलेंस की शव यात्रा
बीमारी के दौरान कमलेश ने अपने छोटे भाई से एक अनोखी अंतिम इच्छा जताई थी कि उनकी शव यात्रा एम्बुलेंस के सायरन के साथ निकाली जाए. यह सुनकर छोटा भाई विमलेश इस इच्छा को दिल से निभाने के लिए तैयार था. शनिवार को कमलेश के निधन के बाद, विमलेश ने अपने सभी एम्बुलेंस चालक साथियों को बुलाया और यह अंतिम इच्छा उनसे शेयर की.
16 एम्बुलेंस ने एक साथ दिया अंतिम विदाई का सम्मान
रविवार दोपहर करीब दो बजे, कुल 16 एम्बुलेंस एक साथ लाइन में चलीं, जिनके सायरन लगातार बज रहे थे. स्थानीय लोग जब इतनी एम्बुलेंस को एक साथ देख रहे थे, तो उन्हें किसी बड़े हादसे की आशंका हुई. लेकिन जब असली वजह सामने आई, बड़े भाई की अंतिम इच्छा और छोटे भाई का प्रेम, तो हर किसी की आंखें भर आईं.
भाईचारे की मिसाल
छोटे भाई विमलेश ने भावुक होकर बताया कि वह प्राइवेट एम्बुलेंस चलाता है. बड़े भाई की बीमारी में परिवार की सारी जमा-पूंजी लग गई. विमलेश के कई दोस्त भी एम्बुलेंस चालक हैं. सभी ने मिलकर भाई की इच्छा को सम्मान दिया और शुक्लागंज मिश्रा कॉलोनी स्थित श्मशान घाट तक एम्बुलेंस सायरन के साथ अंतिम यात्रा निकाली.
परिवार में कोहराम, लोगों की आंखें नम
कमलेश की पत्नी सरला, बेटी रूचि और छोटे बेटे तनिष्क का रो-रोकर बुरा हाल है. जब लोगों ने सुना कि यह एम्बुलेंस किसी हादसे की नहीं, बल्कि एक भाई द्वारा अपने बड़े भाई की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए निकाली गई थी. तो पूरा क्षेत्र इस भावुक दृश्य का गवाह बन गया. हर किसी ने कहा कि ऐसा प्यार और कर्तव्य निभाने वाला भाई बहुत कम देखने को मिलता है.
(रिपोर्ट- सूरज सिंह)
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