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UP Election 2027: 'ओवैसी हमारे भाई हैं'... कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने दिए बड़े संकेत, अखिलेश को थामना ही होगा राहुल का हाथ!... 2027 में किसको पड़ेगी किसकी जरूरत?

इमरान मसूद का मानना है कि मौजूदा समय में देश की राजनीति सिर्फ दो ध्रुवों (राहुल गांधी बनाम नरेंद्र मोदी) में सिमट चुकी है. अब तीसरे विकल्प या बीच की राजनीति की कोई गुंजाइश नहीं बची है. उन्होंने साफ कहा कि यूपी में अखिलेश यादव को राहुल गांधी का हाथ थामना ही होगा. 2027 में राहुल को अखिलेश की नहीं, बल्कि अखिलेश को राहुल की जरूरत है.

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Congress MP Imran Masood Congress MP Imran Masood

उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में देश की राजनीति दो ध्रुवों में बंट चुकी है. उनके मुताबिक अब या तो राहुल गांधी के साथ खड़ा होना होगा या फिर नरेंद्र मोदी के साथ. उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में भी अखिलेश यादव को राहुल गांधी का हाथ थामना ही होगा, क्योंकि तीसरी राजनीतिक धारा के लिए अब कोई जगह नहीं बची है.

ओवैसी पर साधी चुप्पी, कहा- हमारे भाई हैं
यूपी तक के एक खास पॉडकास्ट में इमरान मसूद ने बीजेपी को सांप्रदायिक बताया, लेकिन एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर ऐसा कोई आरोप लगाने से बचते नजर आए. ओवैसी के साथ संभावित गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि ओवैसी उनके भाई हैं और उनके साथ पहले भी काम कर चुके हैं. हालांकि उन्होंने साफ किया कि किसी भी तरह के गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा. उन्होंने कहा कि इस विषय पर कांग्रेस संगठन जो निर्णय लेगा, वही मान्य होगा.

यूपी में 2027 की तैयारी में जुटे ओवैसी
दूसरी ओर असदुद्दीन ओवैसी ने भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां शुरू कर दी हैं. उन्होंने बहराइच के मढ़ेरा से चुनावी अभियान की शुरुआत की है. इसी दौरान उन्होंने बहराइच सीट से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली को उम्मीदवार घोषित कर दिया. ओवैसी की इस सक्रियता को यूपी की आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.

अखिलेश यादव को लेकर क्या बोले इमरान मसूद
इमरान मसूद ने कहा कि अब देश में बीच की राजनीति की कोई गुंजाइश नहीं बची है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी से लेकर शिवसेना और एनसीपी जैसी पार्टियों में टूट-फूट देखने को मिली है. उनका कहना था कि कोई भी दल यह भ्रम न पाले कि वह राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी की राजनीति के बीच अपनी अलग लकीर खींच सकता है. उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में राहुल गांधी को अखिलेश यादव की जरूरत नहीं है, बल्कि अखिलेश यादव के लिए राहुल गांधी के साथ बने रहना ज्यादा जरूरी है.

कांग्रेस ने चिन्हित कीं A, B और C कैटेगरी की सीटें
इमरान मसूद ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की सीटों को A, B और C कैटेगरी में बांटते हुए अपनी तैयारी पूरी कर ली है. उनके मुताबिक पार्टी ने A कैटेगरी की करीब 170 सीटें चिन्हित की हैं.

उन्होंने कहा कि जब समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे को लेकर बातचीत होगी तो कांग्रेस करीब 170 सीटों की मांग के साथ बातचीत की मेज पर बैठेगी. हालांकि अंतिम संख्या तय करने का अधिकार पार्टी हाईकमान के पास होगा.

छोटे दलों को साथ लाने की तैयारी
इमरान मसूद ने संकेत दिए कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में व्यापक गठबंधन की रणनीति पर काम कर रही है. उन्होंने चंद्रशेखर और असदुद्दीन ओवैसी दोनों को अपना भाई बताते हुए कहा कि कांग्रेस के तरकश में अभी कई तीर बाकी हैं. उन्होंने कहा कि गठबंधन की पूरी पटकथा कांग्रेस खुद लिखेगी. ऐसे में एक तरफ 170 A ग्रेड सीटों की मांग और दूसरी तरफ छोटे दलों के प्रति नरम रुख यह संकेत देता है कि कांग्रेस यूपी में समाजवादी पार्टी के साथ रहना तो चाहती है, लेकिन इस बार गठबंधन में पिछलग्गू की भूमिका में नहीं दिखना चाहती. या तो बराबरी के आधार पर बातचीत होगी या फिर कांग्रेस अपना अलग गठबंधन तैयार कर सकती है.


(रिपोर्ट- कुमार अभिषेक)

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