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काशी स्पोर्ट्स सिटी विवाद में किसानों की जीत! 8 गांवों में रजिस्ट्री रोकने वाला आदेश वापस लेने का हाईकोर्ट ने दिया निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोहनिया क्षेत्र के आठ गांवों में जमीन और मकानों की रजिस्ट्री रोकने के वाराणसी विकास प्राधिकरण यानी वीडीए के फैसले पर सवाल उठाए हैं. कोर्ट के निर्देश के बाद अब इन गांवों में संपत्तियों की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री का रास्ता साफ होने की उम्मीद है.

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काशी स्पोर्ट्स सिटी योजना काशी स्पोर्ट्स सिटी योजना

वाराणसी में काशी स्पोर्ट्स सिटी योजना को लेकर किसानों और संपत्ति मालिकों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोहनिया क्षेत्र के आठ गांवों में जमीन और मकानों की रजिस्ट्री रोकने के वाराणसी विकास प्राधिकरण यानी वीडीए के फैसले पर सवाल उठाए हैं. कोर्ट के निर्देश के बाद अब इन गांवों में संपत्तियों की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री का रास्ता साफ होने की उम्मीद है.

बिना NOC रजिस्ट्री रोकने के आदेश को दी गई थी चुनौती
यह मामला राजातालाब क्षेत्र के हरसोस गांव निवासी कमलेश कुमार पटेल की ओर से दाखिल जनहित याचिका से जुड़ा है. याचिका में वीडीए की ओर से 26 दिसंबर 2025 को जारी उस पत्र को चुनौती दी गई थी, जिसमें आठ गांवों में वीडीए की NOC के बिना भूमि और मकानों के बिक्री विलेखों का पंजीकरण नहीं करने का निर्देश दिया गया था.

इन 8 गांवों में लगी थी रजिस्ट्री पर रोक
वीडीए के इस आदेश का असर गंजरी, हरसोस, हरपुर, जमीन शिवसागर, हरदासपुर, सुइचक, बीरभानपुर और भाईदपुर गांवों पर पड़ा था. रजिस्ट्री पर रोक के चलते इन गांवों के किसानों और संपत्ति मालिकों को जमीन और मकानों की खरीद-बिक्री में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.

हाईकोर्ट ने पूछा, क्या VDA को है ऐसा अधिकार?
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की पीठ ने वीडीए के आदेश पर सवाल उठाया. कोर्ट ने पूछा कि उत्तर प्रदेश शहरी नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 या किसी अन्य कानून के तहत क्या विकास प्राधिकरण को संपत्ति मालिकों की ओर से किए गए बिक्री विलेखों के पंजीकरण को अपनी अनुमति के बिना रोकने का अधिकार है.

सुनवाई के दौरान वीडीए की ओर से अधिवक्ता रवि प्रकाश पांडे ने बताया कि संबंधित आठ गांव काशी स्पोर्ट्स सिटी योजना के विस्तार से बाहर हैं. इसके बाद कोर्ट ने वीडीए उपाध्यक्ष को 26 दिसंबर 2025 का पत्र वापस लेने का निर्देश दिया.

तीन दिन में आदेश वापस लेने का निर्देश
हाईकोर्ट ने वीडीए उपाध्यक्ष को तीन दिनों के भीतर अपना आदेश वापस लेने को कहा है. साथ ही आदेश की जानकारी 24 घंटे के भीतर वीडीए उपाध्यक्ष तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया है. मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 को होगी.

आदेश के बाद गांवों में खुशी
हाईकोर्ट के निर्देश की जानकारी मिलते ही आठों गांवों के किसानों और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई. ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया. याचिकाकर्ता कमलेश पटेल ने कहा कि कोर्ट के निर्देश से किसानों और संपत्ति मालिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

रिपोर्टर: सुरेन्द्र गुप्ता

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