YEIDA Residential Scheme
YEIDA Residential Scheme
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के पास एक आवासीय योजना लॉन्च की है. इसमें 973 प्लॉट्स की पेशकश की गई है. इस योजना को UP RERA की मंजूरी मिल गई है.
किसके लिए कितने प्लॉट्स आरक्षित?
इस योजना में 17.5 फीसदी प्लॉट्स उन किसानों के लिए आरक्षित होंगे, जिनकी भूमि यमुना क्षेत्र और NIA के विकास के लिए अधिग्रहित की गई है. इसके अलावा 5 फीसदी प्लॉट्स उन व्यापारियों के लिए आरक्षित होंगे, जिनकी औद्योगिक इकाइयाँ प्राधिकरण क्षेत्र में संचालित हैं. प्लॉट्स की दर 36,260 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है और सेक्टर 15-C, 18 और 24 में स्थित इन प्लॉट्स का आवंटन ड्रॉ (लॉटरी) के माध्यम से किया जाएगा.
28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एयरपोर्ट के उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद ही ये योजना लॉन्च हुई है. इसे UP RERA की मंजूरी मिल चुकी है. इच्छुक लोग सोमवार से प्राधिकरण की वेबसाइट https://yamunaexpresswayauthority.com/ पर जाकर आवेदन कर सकेंगे.
90 साल की लीज पर किया जाएगा आवंटन-
प्लॉट्स का आवंटन 90 वर्षों की लीज पर किया जाएगा, जिसकी गणना लीज डीड की तारीख से होगी. आवेदन की अंतिम तिथि 6 मई है, जबकि योजना का ड्रॉ 18 जून को निकाला जाएगा.
यह आवासीय योजना क्षेत्र के तेजी से हो रहे शहरी विस्तार को दर्शाती है. जल्द ही उड़ान सेवाएं शुरू होने के साथ, पेशेवरों, निवेशकों और व्यापारियों के बीच आवास की मांग बढ़ने की संभावना है.
कितने तरह के होंगे प्लॉट्स?
इस योजना के तहत अलग-अलग तरह के प्लॉट्स होंगे. चलिए बताते हैं कि इसमें प्लॉट्स के आकार किस तरह के होंगे.
क्या-क्या होंगी सुविधाएं?
प्राधिकरण के अनुसार पार्क-फेसिंग और ग्रीन बेल्ट वाले प्लॉट्स पर 5 फीसदी अतिरिक्त प्रीमियम देना होगा, जबकि कॉर्नर प्लॉट्स पर भी 5 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगेगा.
रजिस्ट्रेशन के समय देनी होगी 10 फीसदी रकम-
आवेदक को रजिस्ट्रेशन के समय कुल प्रीमियम का 10% जमा करना होगा. सफल आवेदकों के लिए यह राशि प्लॉट के कुल भुगतान में समायोजित कर दी जाएगी, जबकि असफल आवेदकों को यह राशि वापस कर दी जाएगी.
योजना के तहत, आवंटन पत्र जारी होने के 60 दिनों के भीतर कुल प्रीमियम का 100% भुगतान करना होगा. हालांकि, विशेष परिस्थितियों में भुगतान के लिए अधिकतम 30 दिनों की अतिरिक्त समय सीमा दी जा सकती है.
यह योजना भविष्य में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है और रियल एस्टेट गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. साथ ही, यह एयरपोर्ट आधारित विकास मॉडल में विश्वास को भी दर्शाती है, जिससे यमुना क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में एक प्रमुख विकास कॉरिडोर के रूप में उभर रहा है.
(अरुण त्यागी की रिपोर्ट)
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