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जेल बैरक में पार्टी, नशे में डांस का वीडियो वायरल, जेलर समेत 4 सस्पेंड

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जेल में डांस पार्टी का वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो में कैदी नशे में डांस करते नजर आए. इस मामले में बड़ा एक्शन हुआ है. जेलर समेत 4 पुलिसवाले सस्पेंड कर दिए गए हैं. इस मामले में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

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राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जेल में हत्या और अन्य गंभीर मामलों में बंद विचाराधीन कैदियों का बैरक के भीतर डांस, पार्टी और कथित रूप से नशा करते हुए वीडियो सामने आने के बाद मामलें ने पूरे जेल प्रबंधन सिस्टम को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है. बंदियों का वीडियों सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आला अधिकारी हरकत में आए और तात्कालिन जेलर सहित चार कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया.

जेल बैरक में डांस पार्टी के बाद एक्शन-
पुलिस भी मामलें में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. वीडियों वायरल होने के बाद जेल महानिदेशक अशोक राठौड़ ने खुद चित्तौड़गढ़ जिला जेल जेल परिसर का निरीक्षण किया. बंदियों और जेल स्टॉफ से पूछताछ की और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर तत्कालीन जेलर ऊंकार लाल, हवालदार महेंद्र सिंह, जेल प्रहरी रईस मोहम्मद और महिला प्रहरी सुनीता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. इनके खिलाफ विभागीय जांच जारी है. मिलीभगत सामने आती है तो बड़ी करवाई भी होगी. मामले में जेल फिलहाल कर्मचारियों की संभावित संलिप्तता और पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है. 

जांच के लिए बनाई गई टीम-
वहीं चित्तौड़गढ़ जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन में कोतवाली थाना पुलिस और विशेष टीम मामले की जांच कर रही है. पुलिस ने पहले सात आरोपियों में मोहित, भैरूलाल गुर्जर, सत्यनारायण गुर्जर, प्रहलाद राय गुर्जर, शोभालाल, विनोद गुर्जर और हर्षवर्धन सिंह को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद पुलिस ने जिला जेल से प्रोडक्शन वारंट के जरिए नारायण लाल सुथार, मनोहर लाल जाट और दशरथ गुर्जर को भी गिरफ्तार कर लिया. इस तरह अब तक कुल 10 आरोपी पुलिस गिरफ्त में हैं. 

पुलिस के अनुसार मामले का एक प्रमुख आरोपी ईश्वर सिंह डेट फिलहाल अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर है. उसकी तलाश की जा रही है. जांच अधिकारी मान रहे हैं कि उससे पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क और वीडियो वायरल करने की साजिश से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो-
वीडियों वायरल होने के बाद 24 जुलाई को जिला जेल के जेलर लोक उज्जवल सिंह राठौड़ की रिपोर्ट पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया. शिकायत में बताया गया कि जेल परिसर के भीतर बंदियों द्वारा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए गए थे, जिससे जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए.

तलाशी में मिले थे कई आपत्तिजनक सामान-
वीडियो वायरल होने के बाद 23 जुलाई को पुलिस और जेल प्रशासन ने संयुक्त रूप से जेल की सघन तलाशी ली. पूछताछ के दौरान एक विचाराधीन बंदी की निशानदेही पर एक वार्ड के स्टोर रूम से पन्नी में छिपाकर रखे गए एक एंड्रॉयड स्मार्टफोन और एक कीपैड मोबाइल बरामद किया गया. प्रारंभिक जांच में इन्हीं मोबाइल फोन का इस्तेमाल वीडियो बनाने और वायरल किए जाने की आशंका जताई गई है.

जेल सुरक्षा पर उठ रहे सवाल-
जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रतिबंधित मोबाइल फोन और कथित नशीले पदार्थ जेल के भीतर किसके माध्यम से पहुंचे. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वीडियो सोशल मीडिया तक किसने पहुंचाए और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे. मामले में अन्य जेल कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और किसी भी स्तर पर संलिप्तता मिलने पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है.

जिला जेल में हुई इस घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस और जेल प्रशासन दोनों स्तर पर जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

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