scorecardresearch

'... जिम्मेदारी निभाने को तैयार', मुस्कान-साहिल को मृत्युदंड पर बोले निर्भया के दोषियों को फांसी चढ़ाने वाले पवन जल्लाद

मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है. इसको लेकर पवन जल्लाद ने कहा कि जब भी बुलाया जाएगा, जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हूं. हालांकि मामला पहले हाईकोर्ट, फिर सुप्रीम कोर्ट और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति के समक्ष जा सकता है.

Advertisement
Muskan and Sahil Muskan and Sahil

उत्तर प्रदेश में मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद निर्भया कांड के चार दोषियों को फांसी देने वाले पवन जल्लाद ने फैसले को सही ठहराया है. पवन जल्लाद का कहना है कि दोनों ने जिस तरीके से सौरभ की हत्या कर शव के टुकड़े नीले ड्रम में सीमेंट से भरकर छिपाए थे, वह बेहद घिनौनी हरकत थी. ऐसे अपराध के लिए दोनों को मृत्युदंड मिलना चाहिए था. अदालत ने मौत की सजा सुनाकर न्याय किया है.

बुलाया जाता है तो पूरी तरह से तैयार- पवन जल्लाद
पवन जल्लाद ने कहा कि यदि मुस्कान और साहिल को फांसी देने के लिए उन्हें बुलाया जाता है तो वह इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मृत्युदंड के फैसले के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी. मामला पहले हाईकोर्ट, फिर सुप्रीम कोर्ट और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति के समक्ष जा सकता है. इसके बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी.

क्या है फांसी का प्रोसेस?
पवन जल्लाद ने कहा कि फांसी देने के लिए डेथ वारंट जारी किया जाता है. जब उन्हें आधिकारिक आदेश मिलेगा, तभी वह फांसी देने के लिए जाएंगे. उन्होंने कहा, “मुझे जब भी बुलाया जाएगा, मैं फांसी देने के लिए तैयार हूं. चाहे यह आदेश कभी भी आए, मैं अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए जाऊंगा.

फांसी के लिए करनी पड़ती है तैयारी- पवन
पवन जल्लाद के मुताबिक, फांसी देना एक निर्धारित प्रक्रिया है. इसके लिए पहले से तैयारियां करनी पड़ती हैं. रस्से की जांच की जाती है. फांसी के तख्ते और अन्य व्यवस्थाओं को भी परखा जाता है. तेल और ग्रीस समेत सभी जरूरी चीजों की जांच की जाती है, ताकि फांसी के समय किसी तरह की तकनीकी परेशानी न आए. उन्होंने बताया कि इसके लिए तीन दिन तक ट्रायल और तैयारियां की जाती हैं.

अपराधी को सजा मिलना ही चाहिए- पवन
पवन जल्लाद ने कहा कि अपराध करने वाले व्यक्ति को उसके किए की सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह महिला हो या पुरुष. उनके मुताबिक, यदि कोई महिला अपराध में शामिल है तो उसे भी कानून के अनुसार बराबर की सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड सुनाए जाने के फैसले को सही बताते हुए कहा कि इस मामले में अदालत ने उचित फैसला दिया है.

मुस्कान-साहिल की हुई है फांसी की सजा-
मेरठ के बहुचर्चित नीला ड्रम सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है. निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड के चार दोषियों को फांसी देने की प्रक्रिया में शामिल रहे मेरठ के खानदानी जल्लाद पवन ने इस फैसले पर संतोष जताया है.

सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उनके शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाने के मामले ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं. 14 अक्टूबर को मेरठ की जिला एवं सत्र अदालत ने मुस्कान और साहिल को हत्या तथा सबूत मिटाने के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद मृत्युदंड की सजा सुनाई.

ये भी पढ़ें: