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सहारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र में 52 वर्षीय कॉलेज क्लर्क और जिम संचालक देवदत्त शर्मा की आत्महत्या से सनसनी फैल गई. घटना गत शनिवार की शाम ग्राम सलेमपुर में उनके आवास पर हुई. घटना के बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलते ही सरसावा पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
मरने से पहले भेजा यह मैसेज
पुलिस के मुताबिक, देवदत्त शर्मा ने आत्महत्या से पहले अपनी 21 वर्षीय भांजी नेहा शर्मा के मोबाइल पर एक संदेश भेजा था. संदेश में उन्होंने खुद को लंबे समय से अपमानित महसूस करने की बात लिखी थी और परिवार के लिए अपनी कुछ अंतिम इच्छाएं भी बताई थीं. लिखा- अब अपमान सहन नहीं होता. बार-बार मरने से बेहतर है कि एक ही बार मर जाऊं. कायर नही हूं, लेकिन अपमान ने आत्मा को अंदर से मार दिया है. मेरी लाश को पत्नी को छूने ना दिया जाए.
उन्होंने लिखा- मेरे अंतिम संस्कार में उपलों का इस्तेमाल न किया जाए. इसमें ज्यादा पैसे भी खर्च नहीं करना. आत्मा की शांति के लिए कोई धार्मिक कार्यक्रम न किया जाए. मैं चाहता हूं कि मेरी आत्मा भटकती रहे. तुम अपनी मां का ख्याल रखना. घटना शहर से 30 किमी दूर सरसावा थाना क्षेत्र की है. देवदत्त शर्मा बॉडी बिल्डिंग भी करते थे. मैसेज मिलने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया. पुलिस अब इस संदेश समेत घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. देवदत्त शर्मा रेलवे रोड के रहने वाले थे और कई वर्षों से सरसावा क्षेत्र में रहकर अपना जिम संचालित कर रहे थे.
33 साल पहले हुई थी शादी
देवदत्त शर्मा की करीब 33 साल पहले सीमा रानी से शादी हुई थी. उनके दो बेटे हैं. बड़ा बेटा अभिषेक दुबई में नौकरी करता है, जबकि छोटा बेटा आदित्य चंडीगढ़ में फॉरेंसिक की पढ़ाई कर रहा है और पावरलिफ्टिंग में भी उपलब्धियां हासिल कर चुका है. देवदत्त के पिता महेंद्र शर्मा और माता का कई साल पहले निधन हो चुका था. वह दो भाई-बहनों में बड़े थे.
कॉलेज की नौकरी के बाद करते थे जिम का संचालन
देवदत्त शर्मा साल 2000 से अपने घर के पीछे रॉक जिम चला रहे थे और बॉडी बिल्डिंग में भी उनकी रुचि थी. पिछले करीब दो वर्षों से वह बालाजी ग्रुप ऑफ कॉलेज में क्लर्क के पद पर कार्यरत थे और करीब 17 हजार रुपए मासिक वेतन मिलता था. इससे पहले वह तिलक राम सैनी गर्ल्स कॉलेज और इलामचंद सैनी गर्ल्स कॉलेज में भी काम कर चुके थे. कॉलेज की नौकरी के बाद वह जिम का संचालन करते थे. सहायक क्षेत्राधिकारी नकुड़ पवन कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची थी. घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.