Suvendu Adhikari murder
Suvendu Adhikari murder
पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद जारी राजनीतिक तनाव के बीच बीजेपी नेता सुवेन्दु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है. इस वारदात को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. बीजेपी इसे राजनीतिक साजिश बता रही है, जबकि पुलिस कई एंगल से मामले की जांच कर रही है.
बीच सड़क पर हुआ हमला
जानकारी के मुताबिक यह घटना उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम इलाके में हुई. 40 वर्षीय चंद्रनाथ रथ अपनी कार से जा रहे थे, तभी हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रास्ते में रोक लिया. बताया जा रहा है कि एक कार और बाइक काफी देर से उनका पीछा कर रही थी.
जैसे ही कार को रोका गया, बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. हमले में चंद्रनाथ रथ और उनका ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान चंद्रनाथ रथ की मौत हो गई.
शार्प शूटर और प्री-प्लान्ड मर्डर का शक
इस हत्याकांड को लेकर अब प्री-प्लान्ड मर्डर की आशंका जताई जा रही है. शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि हमलावर पेशेवर शूटर हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि हमला बेहद सुनियोजित तरीके से किया गया. कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार हमलावरों ने फर्जी नंबर प्लेट वाली बाइक और कार का इस्तेमाल किया. प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया कि बाइक पर नंबर साफ दिखाई नहीं दे रहा था.
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पोस्टमार्टम और मेडिकल जांच के दौरान चंद्रनाथ रथ के शरीर से 5 गोलियां निकाली गईं. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हमलावर किसी भी हालत में उन्हें जिंदा नहीं छोड़ना चाहते थे.
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
चंद्रनाथ रथ लंबे समय से सुवेन्दु अधिकारी के करीबी सहयोगी माने जाते थे. वे कई वर्षों से उनके साथ काम कर रहे थे और राजनीतिक गतिविधियों से लेकर संगठन के कई अहम काम संभालते थे. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक वह पहले वायुसेना से भी जुड़े रहे थे. बाद में वे सुवेन्दु अधिकारी की टीम में शामिल हुए और लगातार उनके साथ सक्रिय भूमिका निभाते रहे.
बीजेपी ने टीएमसी पर लगाए गंभीर आरोप
इस हत्या के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है. बीजेपी नेताओं का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा बढ़ गई है और यह हत्या भी उसी का हिस्सा है.
बीजेपी का कहना है कि विपक्षी कार्यकर्ताओं और नेताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. हालांकि टीएमसी की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने आई है या नहीं, इसको लेकर अभी अलग-अलग रिपोर्ट्स आ रही हैं.
जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी कर जांच शुरू कर दी है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को जब्त करके उसके फुटेज खंगाले जा रहे है. पुलिस हमलावरों की पहचान करने और हत्या के पीछे की असली वजह पता लगाने में जुटी हुई है. इस वारदात ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था और चुनाव बाद हिंसा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. चुनाव परिणाम के बाद से बंगाल से हिंसा की खबर सामने आ रही थी, लेकिन इस खबर ने पूरे बंगाल में सनसनी फैला दी है.
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