scorecardresearch

ब्यूटी पार्लर का काम बन रहा महिलाओं की कमाई का जरिया, मुफ्त ट्रेनिंग से सीखें हुनर, सरकार करेगी मदद

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई कौशल विकास कार्यक्रम चला रही हैं. इन योजनाओं के तहत ब्यूटीशियन, हेयर केयर, मेकअप और पार्लर मैनेजमेंट जैसे कोर्स की ट्रेनिंग दी जाती है.

Beauty Parlour Business Beauty Parlour Business

आज के समय में ब्यूटी पार्लर का काम महिलाओं के लिए स्वरोजगार का एक बड़ा माध्यम बनकर उभर रहा है. कम पूंजी में शुरू होने वाले इस व्यवसाय की मदद से कई महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं. सरकार भी विभिन्न कौशल विकास योजनाओं के जरिए महिलाओं को मुफ्त प्रशिक्षण और स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है.

कौशल विकास योजनाओं से मिल रहा मुफ्त प्रशिक्षण
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई कौशल विकास कार्यक्रम चला रही हैं. इन योजनाओं के तहत ब्यूटीशियन, हेयर केयर, मेकअप और पार्लर मैनेजमेंट जैसे कोर्स की ट्रेनिंग दी जाती है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को प्रमाणपत्र भी दिया जाता है, जिससे उन्हें अपना काम शुरू करने में मदद मिलती है.

RSETI और RUDSET जैसे संस्थान निभा रहे अहम भूमिका
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को प्रशिक्षण देने में भारत सरकार से जुड़े संस्थान अहम भूमिका निभा रहे हैं. RSETI (Rural Self Employment Training Institutes) और RUDSET (Rural Development and Self Employment Training Institute) जैसे संस्थानों में ब्यूटी पार्लर से जुड़े कोर्स निःशुल्क कराए जाते हैं. यहां महिलाओं को सिर्फ तकनीकी जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यवसाय चलाने और ग्राहकों से जुड़ी बुनियादी बातें भी सिखाई जाती हैं.

कम लागत में शुरू हो सकता है कारोबार
ब्यूटी पार्लर ऐसा बिजनेस है जिसे अपेक्षाकृत कम निवेश के साथ शुरू किया जा सकता है. शादी, पार्टी, त्योहार और अन्य समारोहों में मेकअप और ग्रूमिंग सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि बड़ी संख्या में महिलाएं इस क्षेत्र को करियर और स्वरोजगार के विकल्प के रूप में चुन रही हैं.

ट्रेनिंग के बाद मिल सकती है लोन की सुविधा
सरकार सिर्फ ट्रेनिंग ही नहीं देती, बल्कि व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता का रास्ता भी उपलब्ध कराती है. प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाएं प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी योजनाओं के तहत लोन के लिए आवेदन कर सकती हैं. इस राशि की मदद से वे अपना ब्यूटी पार्लर, सैलून या ट्रेनिंग सेंटर शुरू कर सकती हैं.

आत्मनिर्भरता के साथ बढ़ रहा आत्मविश्वास
ब्यूटीशियन प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली कई महिलाओं का कहना है कि इस क्षेत्र में रोजगार और कमाई की अच्छी संभावनाएं हैं. प्रशिक्षण के जरिए वे न सिर्फ एक नया हुनर सीख रही हैं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी हासिल कर रही हैं. इससे परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी भी मजबूत हो रही है.

ऐसे कर सकते हैं आवेदन
जो महिलाएं ब्यूटीशियन या पार्लर मैनेजमेंट का प्रशिक्षण लेना चाहती हैं, वे अपने जिले के RSETI, RUDSET या अन्य सरकारी कौशल विकास केंद्रों में संपर्क कर सकती हैं. समय-समय पर इन संस्थानों की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें चयनित महिलाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है. प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेकर वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं.

ये भी पढ़ें