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पहलवान ने ललकारा तो अखाड़े में उतर गए दरोगा, सेकंडों में कर दिया चित्त, वीडियो वायरल हुआ तो खुला बड़ा राज

वायरल वीडियो की पड़ताल की गई तो यह वीडियो सच पाया गया. पता चला कि दरोगा प्रमोद यादव ने पहलवान को पटखनी दी वो कुश्ती के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं और खेल कोटे के तहत यूपी पुलिस में भर्ती हुए हैं.

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 दंगल के वायल वीडियो में आई चौंकाने वाली जानकारी दंगल के वायल वीडियो में आई चौंकाने वाली जानकारी

भदोही जिले में कुश्ती के दंगल में खड़ा होकर पहलवान लड़ने के लिए चैलेंज कर रह था, इसी दौरान ड्यूटी से गुजर रहे एक दरोगा ने चैलेंज स्वीकार किया और अखाड़े में उतरकर पहलवान को इसी पटखनी दी कि उसके चारों खाने चित्त हो गए. इस दावे के साथ सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वायरल वीडियो की पड़ताल की गई तो यह वीडियो सच पाया गया. पता चला कि दरोगा प्रमोद यादव ने पहलवान को पटखनी दी वो कुश्ती के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं और खेल कोटे के तहत यूपी पुलिस में भर्ती हुए हैं. वो ऑस्ट्रेलिया और लाहौर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुके हैं. उनके मुताबिक 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उनका चयन हुआ था.

कौन हैं दारोगा प्रमोद यादव
दारोगा प्रमोद यादव गाजीपुर जिले के बहादुरगढ़ के रहने वाले हैं और खेल कोटे साढ़े सत्रह वर्ष की उम्र में उनका यूपी पुलिस में चयन हुआ था. वर्तमान में वो भदोही जिले के कोइरौना थाना में तैनात हैं. यह जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि रविवार को वो मुख्यमंत्री आगमन के लेकर ड्यूटी से लौट रहे थे. इस दौरान उनके थाना क्षेत्र में सोनइचा में आयोजित मेले में दंगल प्रतियोगिता में एक पहलवान किसी से कुश्ती के लड़ने के लिए चैलेंज कर रहे थे, इसलिए मैंने उनका चैलेंज स्वीकार किया और उन्हें पटखनी दी.

16 वर्ष स्वर्ण पदक जीते प्रमोद यादव
दारोगा प्रमोद यादव ने बताया कि वो उत्तर प्रदेश पुलिस की तरफ से कुश्ती के लड़ते हैं और लगातार 16 वर्ष स्वर्ण पदक जीते हैं. इसके साथ ही वर्ल्ड पुलिस कुश्ती चैंपियनशिप में वो ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में सिल्वर मेडल जीत कर आए थे. सब जूनियर टीम में लाहौर जाकर लड़े, नेशनल चैंपियनशिप में भी मेडल जीता. उन्होंने बताया कि 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी वो चयनित थे लेकिन टॉस के कारण वो खेल नहीं सके.



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कर चुके हैं सम्मानित
उन्होंने बताया कि उनकी कर्मभूमि गोरखपुर रही है, वहां आठ वर्ष रहे और गोरखपुर केसरी के सम्मान से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मानित कर चुके हैं.  कुछ माह पहले भदोही के एसपी रहे अभिमन्यु मांगलिक भी उन्हें जोनल पुलिस कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद सम्मानित किया था.

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