Gudhal Plant Care
Gudhal Plant Care
सर्दियों का मौसम पौधों के लिए अच्छा नहीं होता है. कई पौधे तो ठंड आते ही सूखने लगते हैं तो वहीं कुछ पौधों में कलियां तो आती हैं लेकिन फूल नहीं खिलते. खासकर गर्मियों में भर-भरकर फूल देने वाला गुड़हल (Hibiscus) इस मौसम में खिलना बंद कर देता है. लेकिन किचन में मौजूद एक चीज की मदद से आप इस समस्या को सुलझा सकते हैं और सही देखभाल की मदद से जनवरी में भी गुड़हल से ढेर सारे फूल ले सकते हैं.
गुड़हल के पौधे पर बग्स क्यों लगते हैं?
गुड़हल के पौधे पर अक्सर मिली बग्स, एफिड्स और सफेद कीड़े लग जाते हैं. ये कीड़े पौधे का रस चूसते हैं, जिससे पत्तियां चिपचिपी, पीली और मुड़ी हुई दिखने लगती हैं. बग्स लगने से पौधे की एनर्जी खत्म हो जाती है और फूल आना बंद हो जाता है. सर्दियों में नमी और कम धूप इसकी मुख्य वजह होती है.
गुड़हल से मिली बग्स कैसे हटाएं?
मिली बग्स हटाने के लिए सबसे पहले प्रभावित पत्तियों और टहनियों को काट दें.
1 लीटर पानी में 1 चम्मच नीम का तेल और कुछ बूंदें लिक्विड साबुन मिलाएं.
इस घोल को हफ्ते में 2 बार पत्तियों के ऊपर और नीचे स्प्रे करें.
बहुत ज्यादा बग्स हों तो रुई में अल्कोहल लगाकर कीड़ों को साफ करें.
कुछ ही दिनों में बग्स खत्म होने लगते हैं और पौधा फिर से हेल्दी दिखने लगता है.
गुड़हल के लिए फायदेमंद है ये चीज
अगर आपके गुड़हल के पौधे में फूल नहीं आथे हैं तो चावल का माड़ एक नेचुरल फर्टिलाइजर की तरह काम आ सकता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट, मिनरल्स और थोड़ी मात्रा में नाइट्रोजन होती है, जो पौधे की जड़ों को मजबूत करती है और फूल आने की प्रक्रिया को तेज करती है.
चावल का माड़ कैसे बनाएं?
1 कप चावल को 3-4 कप पानी में उबालें.
चावल पकने के बाद एक्स्ट्रा पानी अलग निकाल लें.
इस पानी को पूरी तरह ठंडा होने दें.
माड़ में नमक या मसाले बिल्कुल नही होने चाहिए.
इस लिक्विड को पौधों पर कैसे डालें?
माड़ को सीधे न डालें, उसमें बराबर मात्रा में सादा पानी मिलाकर डायल्यूट करें.
10-15 दिन में एक बार गुड़हल की जड़ों में डालें.
डालने के बाद हल्का पानी न दें, ताकि पोषक तत्व मिट्टी में बने रहें.
लगातार इस्तेमाल से पत्तियां चमकदार होती हैं और फूलों की संख्या बढ़ती है.
सर्दियों में गुड़हल के पौधे का ऐसे रखें ख्याल
रोज कम से कम 4-5 घंटे धूप जरूर दिखाएं.
ज्यादा पानी देने से बचें, मिट्टी सूखने पर ही पानी दें.
महीने में एक बार वर्मी कम्पोस्ट या गोबर की खाद डालें.
बहुत ठंड हो तो पौधे को खुले में न रखें. या पौधे को कवर कर दें.
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