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फरवरी खत्म होने से पहले गुड़हल पर कर लें ये काम, मार्च-अप्रैल में खिलेंगे सैकड़ों फूल

अगर आप चाहते हैं कि गर्मियों में और पूरे साल आपके गुड़हल के पौधे में भरपूर फूल आएं, तो फरवरी खत्म होने से पहले अपने पौधे में ये 4 काम जरूर कर लें.

Hibiscus plant care Hibiscus plant care
हाइलाइट्स
  • मिट्टी की हल्की गुड़ाई करें

  • मार्च-अप्रैल में खिलेंगे सैकड़ों फूल

अगर चाहते हैं कि गर्मियों की शुरुआत में ही आपके गुड़हल के पौधे पर सैकड़ों फूल खिलें, तो फरवरी का महीना सबसे जरूरी है. अभी किया गया सही रखरखाव मार्च-अप्रैल में जबरदस्त नतीजे देता है. थोड़ी-सी मेहनत और घर में मौजूद चीजों से आप अपने गुड़हल पर फूल खिला सकते हैं. चलिए जानते हैं फरवरी खत्म होने से पहले अपने पौधे में कौन-से 4 काम जरूर करें.

पहला काम- मिट्टी की हल्की गुड़ाई करें
सर्दियों में गुड़हल की मिट्टी अक्सर सख्त हो जाती है, जिससे जड़ों तक हवा और पोषण ठीक से नहीं पहुंच पाता. फरवरी के आखिरी दिनों में मिट्टी की हल्की गुड़ाई करना बहुत जरूरी होता है. किसी नुकीले औजार से ऊपर की मिट्टी को हल्के-हल्के खोदें. ध्यान रखें कि जड़ों को नुकसान न पहुंचे. गुड़ाई से मिट्टी ढीली होगी, जिससे पानी का ड्रेनेज बेहतर होगा और जड़ें तेजी से ग्रो करेंगी. इसके बाद पौधा नई शाखाएं और ज्यादा कलियां बनाने के लिए तैयार हो जाता है. गुड़ाई करने के दो दिन बाद तक पौधे में पानी न डालें.

दूसरा काम- हल्की छंटाई जरूर करें
फूलों की संख्या बढ़ाने के लिए छंटाई सबसे जरूरी स्टेप माना जाता है. फरवरी के अंत तक गुड़हल की हल्की छंटाई कर दें, ताकि नई कोपलें निकल सकें. सूखी, कमजोर और अंदर की ओर बढ़ रही टहनियों को काट दें. बहुत ज्यादा छंटाई न करें, वरना पौधा कमजोर हो सकता है. सही छंटाई से पौधे की एनर्जी नई शाखाओं पर लगेगी और इन्हीं नई टहनियों पर मार्च-अप्रैल में सबसे ज्यादा फूल आते हैं.

तीसरा काम- केले के छिलकों का पाउडर डालें
गुड़हल को पोटैशियम बेहद पसंद होता है और केले के छिलके इसका बेहतरीन घरेलू स्रोत हैं. 2-3 केले के छिलकों को धूप में सुखाकर पीस लें और पाउडर बना लें. अब इस पाउडर को महीने में एक बार मिट्टी में मिला दें. इससे पौधे को जरूरी मिनरल्स मिलते हैं, फूलों का साइज बड़ा होता है और रंग भी ज्यादा गहरा आता है. यह तरीका पूरी तरह नेचुरल है.

चौथा काम- इस्तेमाल की हुई चायपत्ती डालें
अक्सर लोग इस्तेमाल की हुई चायपत्ती फेंक देते हैं, जबकि यह गुड़हल के लिए काफी फायदेमंद होती है. चायपत्ती को पहले अच्छी तरह धो लें, ताकि उसमें दूध और चीनी न रहे. सूखी चायपत्ती को मिट्टी में मिलाने से मिट्टी की क्वालिटी सुधरती है और नमी बनी रहती है. इसमें मौजूद एसिड प्रकृति गुड़हल के लिए अच्छी मानी जाती है, जिससे पौधा हेल्दी रहता है और फूल ज्यादा समय तक टिकते हैं.