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जिस नींबू पर फल-फूल ना आता हो बस 2 रुपये की ये चीज डाल दें, फलों से लद जाएगा पौधा

अगर आपके घर की छत पर टेरेस गार्डन के गमले में लगा नींबू का पौधा फल नहीं दे रहा है तो यहां आपके लिए बेस्ट उपाय है.

 lemon plant lemon plant
हाइलाइट्स
  • सुहागा का होगा जादुई असर

  • पॉलिनेशन बढ़ाने का आसान तरीका

अगर आपके नींबू के पौधे पर फूल नहीं आ रहे या फूल आकर झड़ जा रहे हैं, तो तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. घर की छत पर टेरेस गार्डन में गमले में लगे नींबू के पौधे से भर-भर के फल लेने के लिए ये तरीका अपना लें. इस उपाय के लिए आपको महंगा फर्टिलाइजर खरीदने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी.

फूल आते ही पानी देना बंद कर दें
जैसे ही नींबू के पौधे पर फूल आना शुरू हो जाए, पानी देना बंद कर दें. अगर फूल आने के बाद लगातार पानी देते रहे, तो फूल फल में बदलने की बजाय झड़ जाते हैं. यही वजह है कि बहुत से लोगों के पौधों पर फूल तो आते हैं, लेकिन नींबू नहीं लगते.

धूप और जगह का सही चुनाव जरूरी
नींबू का पौधा ऐसी जगह पर रखें, जहां पूरा दिन सीधी धूप आती हो. अगर पौधा बिल्डिंग या पेड़ की छाया में रहेगा, तो उसमें सिर्फ पत्तियां और टहनियां बढ़ेंगी, फल नहीं आएंगे. छायादार जगह पर वेजिटेटिव ग्रोथ ज्यादा होती है और फ्रूटिंग कम.

Lemon

कौन सी वैरायटी गमले के लिए बेस्ट?
गमले में नींबू उगाने के लिए जम्मू वैरायटी और ऑस्ट्रेलियन नींबू सबसे बेहतर मानी जाती हैं. जम्मू वैरायटी में लगातार फल आते हैं, जबकि ऑस्ट्रेलियन नींबू थोड़े बड़े साइज के होते हैं और गुच्छों में लगते हैं. समय-समय पर हार्वेस्टिंग करने से पौधे पर ज्यादा वजन नहीं पड़ता.

पॉलिनेशन बढ़ाने का आसान तरीका
अगर आप चाहते हैं कि फूल झड़ें नहीं और ज्यादा फल बनें, तो अपने गार्डन में पीले फूलों वाले पौधे जैसे गेंदे, गुलाब या तुलसी जरूर लगाएं. इससे पॉलिनेटर (मधुमक्खी, तितली) आते हैं और फूलों का पॉलिनेशन बेहतर होता है. बिना पॉलिनेशन के ज्यादातर फूल झड़ जाते हैं.

2 रुपये का सुहागा से पाएं ढेरों फल
दुकान से 2 रुपये में मिलने वाला सुहागा लें. इसे पानी में घोलना नहीं, बल्कि पानी में डालकर 15-20 बार अच्छे से हिलाना है. अब इस धोल को मिट्टी में डाल दें. ध्यान रखें, यह फर्टिलाइजर तभी डालें जब मिट्टी पूरी तरह सूखी हो. गीली मिट्टी में इस्तेमाल करने से पौधे को नुकसान हो सकता है. सुहागा या बोरेक्स आयुर्वेद में एक औषधि है. यह आयुर्वेद में खांसी, गले के दर्द, त्वचा रोगों, पेट की गैस और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार में भी इस्तेमाल होता है.

इस फर्टिलाइजर का इस्तेमाल सिर्फ दो बार करें. फूल आने से पहले और फूल आने के समय. यह स्वाग अनार, नींबू, माल्टा और मौसंबी जैसे पौधों में फूल झड़ने की समस्या में भी कारगर है और इसका असर चौंकाने वाला होता है.

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