चाय की पत्तियों को गमले में उगाने का तरीका
चाय की पत्तियों को गमले में उगाने का तरीका
सुबह की चाय के बिना दिन शुरू करना कई लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस चाय की पत्तियों से आपका कप तैयार होता है, क्या उसके पौधे को घर के गमले में भी उगाया जा सकता है? जी हां, चाय की पत्तियां देने वाला पौधा घर पर कंटेनर में उगाया जा सकता है. चाय का पौधा जिसको कैमेलिया साइनेंसिस भी कहा जाता है. यह एक सदाबहार पौधा है और इसकी पत्तियों से ग्रीन और ब्लैक टी बनाई जाती है. इसे गमले या कंटेनर में उगाने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना पड़ता है.
सबसे पहले सही गमला चुनें
अगर आप घर पर चाय का पौधा उगाना चाहते हैं, तो ऐसा गमला चुनें जिसमें नीचे पानी निकलने के लिए ड्रेनेज होल जरूर हों. कंटेनर में पानी जमा रहना पौधे की जड़ों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है. बहुत छोटा गमला लेने के बजाय पौधे की जड़ों के हिसाब से उचित आकार का गहरा कंटेनर चुनें. चाय का पौधा समय के साथ बढ़ता है, इसलिए उसकी जड़ों को पर्याप्त जगह मिलनी चाहिए.
मिट्टी कैसी होनी चाहिए?
चाय का पौधा ऐसी मिट्टी में अच्छी तरह बढ़ता है जो अम्लीय यानी एसिडिक हो और जिसमें पानी की निकासी अच्छी हो. मिट्टी नम रहनी चाहिए, लेकिन उसमें पानी लगातार जमा नहीं होना चाहिए. गमले में एसिड-लविंग पौधों के लिए तैयार की गई एरिकेशियस मिट्टी या कंपोस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है. चाय के पौधे के लिए मिट्टी का सही pH और अच्छी ड्रेनेज काफी महत्वपूर्ण है.
पौधे को कहां रखें?
चाय के पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां उसे बहुत तेज धूप की बजाय हल्की या आंशिक छाया वाली रोशनी मिले. इसे तेज और ठंडी हवा से भी बचाकर रखना होता है. घर में गमले में उगा रहे हैं तो ऐसी जगह चुन सकते हैं जहां पर्याप्त रोशनी मिले, लेकिन पौधा लगातार तेज धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में भी न रहे.
पानी देते समय इस बात का रखें ध्यान
चाय के पौधे की मिट्टी को पूरी तरह सूखने नहीं देना चाहिए. खासकर गर्म मौसम में इसकी नमी का ध्यान रखना जरूरी है. हालांकि, जरूरत से ज्यादा पानी देना भी सही नहीं है. गमले के नीचे ड्रेनेज होल होने से अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाता है. इससे मिट्टी में पानी जमा होने की समस्या कम होती है.
कब तोड़ सकते हैं चाय की पत्तियां?
जब पौधे पर नई बढ़वार यानी नई कोपलें और पत्तियां आने लगें, तब इन्हें चाय बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. ताजी बढ़वार से आमतौर पर दो पत्तियां और एक कली यानी फ्लश लिया जाता है. हालांकि, पौधे की पहली साल की बढ़वार में बार-बार पत्तियां तोड़ने के बजाय उसे अच्छी तरह स्थापित होने का समय देना चाहिए.
ये भी पढ़ें