Real And Fake Sabudana
Real And Fake Sabudana
Real And Fake Sabudana: 19 मार्च से नवरात्रि के पावन अवसर की शुरुआत हो गई है. इन 9 दिन में भक्त व्रत रखते हैं और मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं. इस दौरान लोग साबूदाना खा कर अपना व्रत तोड़ते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आजकल बाजार में मिलावटी साबूदाना आ रहा है जो कि केमिकल्स के प्रयोग से बना हुआ होता है? इन मिलावटी साबूदाने में सोडियम, हाइपोक्लोराइट, कैल्शियम, हाइपोक्लोराइट, ब्लीचिंग, एजेंट, फास्फोरिक, एसिड आदि का इस्तेमाल करके इन्हें बनाया जाता है. देखने में ये बिल्कुल असली साबूदाने की तरह ही दिखता है, इसलिए फर्क करना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में चलिए आपको बताते हैं कि असली और नकली साबूदाने की पहचान कैसे कर सकते हैं.
क्या है नकली साबूदाने
यह दिखने में काफी चमकदार और पॉलिश किया हुआ सफेद मोतियों के समान दिखाई देता है जबकि असली साबूदाना एक शाकाहारी भोजन है. इसका उपयोग व्रत के दौरान किया जाता है. साबूदाना टैपिओका से निकाले गए स्टार्ट से बनाया जाता है. साबूदाने में ज्यादा कार्बोहाइड्रेट और फैट की मात्रा कम होती है. मिलावटी साबूदाने में ब्लीचिंग एजेंट और केमिकल होते हैं जो कि सफेद और चमकदार मोती जैसे आर्टिफिशियल व्हाइटनिंग एजेंट्स की मदद से बनाए जाते हैं. इसे खाने से आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है.
कैसे करें असली और नकली साबूदाने की पहचान
साबूदाने को पानी में डाल कर आप इसकी शुद्धी चेक कर सकते हैं. पानी में डालने के बाद उसमें स्टार्च नजर आने लगेगा और वह लसलसा सा हो जाएगा.
मिलावटी और असली साबूदाने में पहचान करने के लिए आप थोड़ा सा साबूदाना लें और इसे मुंह में रख कर कुछ देर तक चबाएं. अगर यह आपको किरकिरा महसूस होता है तो यह मिलावटी है.
थोड़ा सा साबूदाना लें और उसमें आग लगा दे. अगर यह फूल जाता है तो यह शुद्ध है और अगर नहीं तो इसमें मिलावट है. साथ ही कुछ देर जलाने से मिलावटी साबूदाना राख छोड़ देगा और असली साबूदाना राख नहीं छोड़ेगा.
असली साबूदाना हल्का सफेद और नेचुरल नजर आता है. अगर साबूदाना बहुत ज्यादा चमकदार या एकदम सफेद दिखे, तो इसमें केमिकल पॉलिश होने की संभावना हो सकती है. इस तरह के साबूदाने को खाने से बचें.
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