Holi Special Malpua
Holi Special Malpua
होली का त्योहार लोग अपने परिवार, रिश्तेदार, दोस्त और पड़ोसियों के साथ मिलकर धूमधाम से मनाते हैं. रंग, गुलाल के बीच इस दिन की खास पहचान होती है घर में बनने वाली पारंपरिक मिठाइयां. सुबह से ही तरह-तरह के पकवान तैयार होने लगते हैं. कई घरों में होली के मौके पर मालपुआ जरूर बनता है.
झटपट तैयार करें होली स्पेशल मालपुआ
इस बार हम आपके लिए लाए हैं मालपुआ की एक ऐसी आसान रेसिपी, जिसे खाकर हर कोई आपकी तारीफ करेगा. अक्सर मालपुआ मैदे से बनाया जाता है, लेकिन गेहूं के आटे से बने ये मालपुए न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होते हैं, बल्कि हेल्दी भी माने जाते हैं. खास बात यह है कि इन्हें बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं है सिर्फ आटा, चीनी और दूध से आप झटपट होली स्पेशल मालपुआ तैयार कर सकते हैं.
ऐसे तैयार करें मालपुआ का बैटर
सबसे पहले एक बाउल में गेहूं का आटा लें. अब इसमें धीरे-धीरे दूध मिलाते हुए घोल तैयार करें. ध्यान रखें कि इसमें गाठें न पड़ें. घोल ना ज्यादा पतला हो और ना ज्यादा गाढ़ा पकौड़े के घोल जैसा मीडियम कंसिस्टेंसी ठीक रहती है.
अब इसमें चीनी मिलाएं और अच्छी तरह घोल लें. चाहें तो स्वाद के लिए एक चुटकी इलायची पाउडर डाल सकते हैं. तैयार घोल को 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें, ताकि आटा अच्छे से सेट हो जाए.
एक कड़ाही में घी या तेल गर्म करें. घी हल्का गरम हो जाए तो आंच मध्यम कर दें. अब एक बड़े चम्मच की मदद से घोल को कड़ाही में गोल आकार में डालें.
घोल खुद ही फैलकर गोल पुए का आकार ले लेगा. जब एक तरफ से सुनहरा हो जाए तो पलटकर दूसरी तरफ भी अच्छे से सेक लें. दोनों तरफ से हल्का ब्राउन और कुरकुरा होने तक तलें.
तैयार मालपुए को निकालकर टिशू पेपर पर रखें, ताकि अतिरिक्त घी निकल जाए. इसी तरह सारे मालपुए तैयार कर लें.
अगर आप चाहें तो अलग से हल्की सी चाशनी बनाकर इन मालपुओं को उसमें 1-2 मिनट डुबो सकते हैं. हालांकि, इस रेसिपी में चीनी पहले से घोल में होती है, इसलिए बिना चाशनी के भी ये काफी स्वादिष्ट लगते हैं.
ऊपर से कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालकर सर्व करें तो स्वाद और भी बढ़ जाएगा.
मालपुआ बनाते वक्त ध्यान रखने वाली बातें
मालपुआ का घोल बहुत पतला होगा तो मालपुआ फैल जाएगा, बहुत गाढ़ा होगा तो अंदर से कच्चा रह सकता है.
आंच हमेशा मध्यम रखें, तेज आंच पर बाहर से जल सकता है और अंदर से कच्चा रह सकता है.
घोल को थोड़ी देर रेस्ट देना न भूलें, इससे मालपुआ नरम बनते हैं.