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Aaloo Bhujia Recipe: भूल जाइए फ्रेंच फ्राइज... बच्चों को बना कर खिलाइए झटपट आलू का ये वाला भुजिया

बाहर का बना खाना बच्चों के हेल्थ के लिए नुकसान देह साबित हो सकता है. ऐसे में उन्हें बना कर खिलाएं आलू की ये वाली रेसिपी. यकीन मानिए वह भूल जाएंगे फ्रेंच फ्राइज को भी.

आलू का भुजिया आलू का भुजिया

बच्चों का बस चले तो वे रोज बाहर का जंक फूड खाना पसंद करें. फ्रेंच फ्राइज उनकी सबसे पसंदीदा चीजों में से एक होती है. लेकिन हर जिद पूरी करना सही नहीं होता, क्योंकि बाहर का खाना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसे में परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि घर पर ही आप फ्रेंच फ्राइज जैसा स्वाद देने वाली एक हेल्दी डिश बना सकती हैं.

वह डिश हैं आलू का भुजिया. यह कोई नॉर्मल भुजिया नहीं है, बल्कि इसे बनाने का तरीका थोड़ा अलग है. यह पराठे के साथ भी अच्छी लगती है और दाल-चावल के साथ भी. स्वाद ऐसा होता है कि बच्चे इसे खुशी-खुशी खाते हैं.

आलू की भुजिया बनाने के लिए जरूरी सामान

  • बड़े आलू - 2
  • नमक - स्वाद अनुसार
  • हल्दी - जरूरत अनुसार
  • साबुत लाल मिर्च - 1
  • तेल या रिफाइंड - तलने के लिए

आलू की भुजिया बनाने का तरीका

  • सबसे पहले आलू को लंबा और पतला काट लें.
  • कटे हुए आलू को नमक और बेकिंग सोडा मिले पानी में लगभग 15 मिनट के लिए भिगोकर रखें.
  • 15 मिनट बाद आलू को पानी से निकालकर अच्छे से सुखा लें.
  • अब कढ़ाई में तेल या रिफाइंड गर्म करें. हालांकि, सरसों के तेल में भुजिया का स्वाद और भी अच्छा आता है.
  • तेल गरम होने पर उसमें साबुत लाल मिर्च तोड़कर डालें. जब मिर्च हल्की ब्राउन हो जाए, तब उसमें कटे हुए आलू डाल दें.
  • गैस की फ्लेम हाई रखें, ताकि भुजिया कुरकुरी बने.
  • आलू डालने के बाद उन्हें लगातार चलाते रहें, क्योंकि तेज आंच पर भुजिया जल्दी जल सकती है.
  • कुछ देर बाद पलटे या चम्मच से काटकर देखें. जब आलू अच्छी तरह पक जाएं, तो 2 मिनट और छोड़ दें ताकि वह हल्के गोल्डन हो जाएं.
  • जब भुजिया गोल्डन और कुरकुरी हो जाए, तब गैस बंद कर दें.

इस भुजिया को गरमागरम पराठे या दाल-चावल के साथ परोसें. गरम-गरम खाने में इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.

अच्छी बात यह है कि इसका स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है. बस ध्यान रखें कि इसे ज्यादा मात्रा में न दें, लेकिन कभी-कभी बच्चों को यह डिश जरूर खिलाएं.

आलू में फाइबर होता है, जो बच्चों के पाचन को बेहतर रखने में मदद करता है. इससे बच्चों का पेट भी भरा रहता है और बाहर के जंक फूड की आदत भी कम होती है.

 

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