Gajar ka halwa
Gajar ka halwa
सर्दियों के मौसम में हर घर में गाजर का हलवा जरूर बनता है. गाजर का हलवा न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद है. शादी-ब्याह, त्योहार जैसे हर मौके पर गाजर का हलवा शान से परोसा जाता है.
क्यों खास है सर्दियों में गाजर का हलवा?
सर्दियों में मिलने वाली लाल गाजर रसदार और मीठी होती हैं. पारंपरिक तरीके से गाजर को कद्दूकस कर घी में धीमी आंच पर पकाया जाता है. इसके बाद इसमें चीनी, मावा और ड्राई फ्रूट्स मिलाए जाते हैं, जिससे इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है.
गाजर का हलवा बनाने का आसान तरीका
सबसे पहले ताज़ी लाल गाजरों को धोकर छील लिया जाता है और फिर कद्दूकस किया जाता है. कड़ाही में देसी घी गर्म कर गाजर डालकर अच्छी तरह भूनते हैं. जब गाजर का पानी सूखने लगे, तब उसमें चीनी मिलाई जाती है. आखिर में मावा, ड्राई फ्रूट्स और इलायची पाउडर डालकर हलवे को स्वादिष्ट बनाया जाता है.
लंबे समय तक हलवा कैसे करें प्रिजर्व?
अक्सर लोग सोचते हैं कि गाजर का हलवा ताजा ही खाना चाहिए, लेकिन सही तरीके से स्टोर किया जाए तो आप इसे लंबे समय तक खा सकते हैं.
गाजर और चीनी फ्राई करके पूरी तरह ठंडा कर लें. इसके बाद इस मिश्रण को एयरटाइट डिब्बे में भरकर फ्रीजर में स्टोर कर लें.
यह मिश्रण करीब छह महीने तक सुरक्षित रहता है. जब भी हलवा खाने का मन हो, मिश्रण को फ्रीजर से निकालकर सामान्य तापमान पर लाएं.
फिर घी में हल्का गर्म कर इसमें मावा और ड्राई फ्रूट्स मिलाएं और ताजा-ताजा हलवा तैयार करें. इससे समय भी बचेगा और स्वाद भी बना रहेगा.
ड्राई फ्रूट्स और मावा से बढ़ता है स्वाद
गाजर के हलवे में काजू, बादाम, किशमिश और इलायची पाउडर डालने से इसका स्वाद और भी निखर जाता है. मावा हलवे को गाढ़ापन और मलाईदार टेक्सचर देता है. मावा को हल्का भूनकर डालने से उसकी खुशबू और स्वाद बेहतर हो जाता है. हालांकि, कच्चा मावा भी इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन भुना हुआ मावा हलवे को ज्यादा रिच बनाता है.
सेहत के लिए भी है फायदेमंद
गाजर का हलवा पोषण का खजाना भी है. गाजर में विटामिन A, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं, जो आंखों की रोशनी बढ़ाने और इम्यूनिटी मजबूत करने में मदद करते हैं. सर्दियों में यह शरीर को गर्म रखता है. घी और ड्राई फ्रूट्स से मिलने वाली एनर्जी ठंड के मौसम में शरीर को ताकत देती है.
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