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Jhansi News: साहब, मैं जिंदा हूं! कागजों में महिला को बना दिया मृत, बंद कर दी वृद्धावस्था पेंशन, एसडीएम कार्यालय पहुंची राजाबाई ने सुनाई आपबीती

झांसी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां की रहने वाली एक महिला को कथित तौर पर सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्शा दिया गया. इसके बाद उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई जबकि वह महिला जीवित हैं. वह अपनी फरियाद लेकर खुद एसडीएम कार्यालय पहुंचीं. यहां आप पूरा मामला जान सकते हैं.

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फरियाद लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचीं महिला. फरियाद लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचीं महिला.

सरकारी रिकॉर्ड में किसी व्यक्ति को जीवित से मृत दर्ज कर दिया जाए और इसी आधार पर उसका सरकारी लाभ भी बंद कर दिया जाए, तो यह मामला सिर्फ एक गलती नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. झांसी के मऊरानीपुर तहसील क्षेत्र से ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां ग्राम धौरा की रहने वाली राजाबाई को कथित तौर पर सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्शा दिया गया. इसके बाद उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई जबकि राजबाई जीवित हैं. वह अपनी फरियाद लेकर खुद एसडीएम कार्यालय पहुंचीं.

एसडीएम कार्यालय पहुंची महिला ने अधिकारियों के सामने अपनी स्थिति बताते हुए कहा कि साहब, मैं जिंदा हूं. महिला का कहना है कि सरकारी कागजों में उन्हें मृत दर्ज किए जाने की वजह से उनकी पेंशन रोक दी गई है. राजबाई के मुताबिक यही पेंशन उनके जीवन-यापन का प्रमुख सहारा थी. पेंशन बंद होने के बाद उनके सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है.

रिकॉर्ड में मृत, हकीकत में अधिकारियों के सामने खड़ी मिली महिला
पूरा मामला झांसी की मऊरानीपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम धौरा का बताया जा रहा है. 7 अक्टूबर 2026 को राजाबाई अपनी शिकायत लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचीं. उन्होंने अधिकारियों को बताया कि वह जीवित हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्शा दिया गया है. इसके बाद उनकी वृद्धावस्था पेंशन आनी बंद हो गई. राजाबाई के अनुसार उन्हें पहले पेंशन की तीन किस्तें मिल चुकी थीं, लेकिन इसके बाद अचानक पेंशन बंद हो गई. उन्होंने जब इसकी जानकारी की तो उन्हें पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया है. महिला का कहना है कि वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अब इतनी उम्र में काम करने में भी सक्षम नहीं हैं. ऐसे में पेंशन से ही उनके रोजमर्रा के खर्च पूरे होते थे. पेंशन बंद होने के बाद उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

महिला का आरोप- मौके पर आए बिना ही कर दी गई जांच
राजाबाई ने आरोप लगाया कि उन्हें मृत घोषित करने से पहले संबंधित स्तर पर ऐसी जांच की गई, जिसमें मौके पर जाकर वास्तविकता जानने की जरूरत तक नहीं समझी गई. महिला के मुताबिक यदि अधिकारी मौके पर आकर जांच करते तो उन्हें आसानी से पता चल जाता कि जिस महिला को रिकॉर्ड में मृत बताया जा रहा है, वह जीवित है. अब राजबाई की शिकायत के बाद मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया है. महिला ने मांग की है कि सरकारी रिकॉर्ड में उनकी स्थिति को तत्काल सही कराया जाए और बंद हुई वृद्धावस्था पेंशन दोबारा शुरू कराई जाए.

एसडीएम बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले को लेकर मऊरानीपुर के एसडीएम मनोज कुमार भारती ने बताया कि 7 अक्टूबर को ग्राम धौरा निवासी राजबाई नाम की महिला कार्यालय में शिकायत लेकर आई थीं. महिला ने बताया कि उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई है और रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्शाया गया है, जबकि वह जीवित हैं. एसडीएम के मुताबिक महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए समाज कल्याण विभाग को पत्र भेजा गया है. पूरे मामले की जांच कराई जा रही है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

सरकारी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल
राजाबाई का कहना है कि वह जीवित हैं और उनके सामने खड़े होकर अपनी समस्या बता रही हैं. इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दिखाया गया है. उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि सरकारी रिकॉर्ड में उनका नाम सही कराया जाए, उन्हें जीवित दर्ज किया जाए और उनकी वृद्धावस्था पेंशन दोबारा शुरू कराई जाए. अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी रिकॉर्ड में राजाबाई को मृत दर्ज किए जाने की गलती किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है. फिलहाल एक जीवित महिला का सरकारी कागजों में मृत दर्ज होना मऊरानीपुर के सरकारी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर रहा है.